राज्यसभा में निजी बिल पेश, अगर पास हुआ तो महात्‍मा गांधी का अपमान करने पर मिलेगी सजा

इस विधेयक में महात्‍मा गांधी एवं अन्‍य स्‍वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने वालों को सात साल के दंड का प्रावधान किया गया है.

राज्‍यसभा में शुक्रवार को एक निजी बिल पेश किया गया. इस बिल में महात्‍मा गांधी और स्‍वतंत्रता संग्राम के प्रतीकों का अपमान करने वालों के लिए दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं.

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली ने राष्‍ट्रपिता और स्‍वतंत्रता आंदोलन के अन्‍य प्रतीकों के प्रति अपमान का निवारण विधेयक 2019 राज्य सभा में पेश किया गया.

इस विधेयक में महात्‍मा गांधी एवं अन्‍य स्‍वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने वालों को सात साल के दंड का प्रावधान किया गया है. विधेयक में राष्‍ट्रपिता के हत्‍यारों के प्रति सम्‍मान प्रदर्शित किये जाने का निवारण करने के लिए प्रावधान किए गए हैं.

बता दें कि हाल ही में लोकसभा में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर लोकसभा में काफी हंगामा हुआ था. दरअसल बीजेपी सांसद ने प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में बहस के दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ कह दिया था जिसका विपक्षी सांसदों ने पुरजोर विरोध किया था.

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप बिल पर बहस के दौरान डीएमके सांसद ए राजा ने नाथूराम गोडसे के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि गोडसे ने गांधी को क्यों मारा. इस पर बीच में टोकते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा ‘आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते.’

इसके बाद उन्होंने सफाई दी थी कि मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेस किया जा रहा है. उनका कहना था कि वह बात ऊधम सिंह के लिए कही थी. हालांकि संसद में ये मुद्दा तेजी उठा और आखिर में प्रज्ञा सिंह ठाकुर को माफी मांगनी पड़ी था.

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