#MeToo: एम.जे अकबर मानहानि मामले में प्रिया रमानी ने दर्ज कराया अपना बयान

एम जे अकबर पर लगे शोषण के आरोपों के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद एमजे अकबर की तरफ से आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था.

पूर्व विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर द्वारा महिला पत्रकार प्रिया रमानी पर मानहानि के मामले में प्रिया रमानी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है. बयान में प्रिया रमानी ने कहा है कि वो पिछले 25 सालों से पत्रकारिता कर रही हैं. उन्होंने एशियन ऐज अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की थी, जहां उन्होंने जनवरी 1994 से अक्टूबर तक काम किया. रमानी ने कोर्ट को बताया कि वह 1993 में अमेरिका से वापस आईं. उन्होंने कहा मुझे पता चला कि नामी संपादक एम जे अकबर एक इंटरनेशनल न्यूज पेपर की शुरुआत करने वाले हैं. मैं उनके लेख पढ़ते हुए बड़ी हुई थी, अकबर मेरे लिए तब पत्रकारिता के ‘हीरो’ थे.

प्रिया रमानी ने अपने बयान में आगे कहा कि मैं एम जे अकबर से मिली. उन्होंने मुझे शाम 7 बजे ओबेरॉय होटल में इंटरव्यू के लिए बुलाया. मैं होटल पहुंची तो वो (अकबर) मुझे लॉबी में नहीं मिले. मेरे लिए ये अनपेक्षित था. रिसेप्शन पर फोन करने पर उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुलाया. मैं चुप थी लेकिन उन्होंने मुझपर दबाव डाला कि मैं इंटरव्यू के लिए रूम में जाऊं. मैं हैरान थी क्योंकि मैंने कॉफी शॉप या लॉबी में इंटरव्यू की उम्मीद की थी. मैं सिर्फ 23 साल की थी इसलिए ज्यादा विरोध करने की स्थिति में नहीं थी, लिहाजा असहज होने के बावजूद मैं इंटरवयू के लिए कमरे में चली गई.

एम जे अकबर ने इंटरव्यू में प्रोफेशनल की जगह पूछे पर्सनल सवाल

प्रिया रमानी ने आगे कहा कि कमरे की बैल बजाने पर एम जे अकबर ने गेट खोला. बेड रूम में एक छोटा सा सोफा था. बातचीत के दौरान एम जे अकबर ने इंटरव्यू के लिए कोई प्रोफेशनल सवाल नहीं पूछा बल्कि सारे व्यक्तिगत सवाल पूछे. उन्होंने पूछा कि क्या मेरी शादी हो गई है? क्या मेरा कोई बॉय फ्रेंड है? मेरे परिवार वालो के बारे में, इसके बाद उन्होंने मुझे ड्रिंक की पेशकश की, लेकिन मैंने मना कर दिया. इसके बाद उन्होंने खुद अपने लिए वोदका ड्रिंक बनाई और पीनें लगे. उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे कैसा म्यूजिक पसंद है? फिर खुद हिंदी गाने, गाने लगे.

एमजे अकबर के इन व्यक्तिगत सवालो से मैं बहुत असहज थी. अचानक वो खड़े हुए और सोफे पर बैठे और मुझे उस छोटे सी जगह में नजदीक बैठने का इशारा किया. उस कमरे में अकेली मैं अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत चितिंत थी. मैंने तुंरत रूम से बाहर निकलने का निर्णय लिया और एम जे अकबर से कहा कि मैं जा रही हूं, मैं टैक्सी लेकर घर पहुंची और अपनी दोस्त नीलोफर को फोन किया.

अकबर, #MeToo: एम.जे अकबर मानहानि मामले में प्रिया रमानी ने दर्ज कराया अपना बयान
एम जे अकबर

हमने एम जे अकबर के इस तरह के व्यवहार को लेकर चर्चा की, कि क्या ऐसे संपादक के साथ काम करना ठीक रहेगा? फिर हमने सोचा कि वहां बहुत सारे लोग काम करेंगे ऐसे में संपादक से किसी नए कर्मचारी की मुलाकात की संभावना कम ही होगी. मैनें अपनी दोस्त नीलोफर से कहा कि वो मेरे घरवालों से इस घटना के बारे में चर्चा न करे. मैंने तय किया कि आगे से मैं कभी अकबर से अकेले में मुलाकात नहीं करुंगी.

मीडिया, फिल्म, एंटरटेनमेंट, कॉमेडी से जुड़ी महिलाओं ने चलाया #Metoo कैंपेन

अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए प्रिया रमानी ने कहा कि Vogue मैगजीन में मेरे आर्टिकल के बाद ट्विटर पर #Metoo अभियान शुरू हुआ. फिल्म एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने अपने एक सहयोगी पर शोषण के आरोप लगाए, इसके बाद फिल्म, एंटरटेनमेंट ,स्टैंडअप कॉमेडी से जुड़ी कई महिलाओं ने अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं को लेकर अपने-अपने अनुभव शेयर किए. पिछले साल 6 अक्टूबर को मैंने पत्रकार गजाला वहाब का एक ट्वीट देखा था, जिसमे लिखा था कि एम जे अकबर और रमानी को लेकर बातें कब खुलकर सामने आएंगी?

इन सारी महिलाओं के ट्वीट्स ने मुझे हिम्मत दी और मैंने ये साफ किया कि vogue आर्टिकल में जिस एडिटर का जिक्र मैंने किया था, वो एम जे अकबर ही थे. उसके बाद काफी महिलाओं ने एम जे अकबर को लेकर मुझसे भी ज्यादा बुरे अनुभव साझा किए. रमानी ने कहा कि ये सही है कि एम जे अकबर ने मुझ पर कभी फिजिकल अटैक नहीं किया, लेकिन इससे अकबर के बर्ताव को क्लीन चिट नहीं मिलती.

हम आमतौर पर सेक्सुअल मिसकंडेक्ट को अनदेखा कर देते हैं 

उन्होंने आगे कहा कि मेरे ट्वीट का मतलब भी यही था कि हम आमतौर पर ‘सेक्सुअल मिसकंडेक्ट’ को अनदेखा करते हैं, जब तक कि वो फिजिकल अटैक में ना बदल जाए. मैंने पूरी तरह सोच समझकर एम जे अकबर के लिए ‘दरिंदा’ शब्द का प्रयोग किया है. आपको बता दें कि एम जे अकबर पर लगे शोषण के आरोपों के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद एमजे अकबर की तरफ से आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था.

इस मामले में एम जे अकबर और उनकी तरफ से पेश गवाह अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं फिलहाल मामले में आरोपी पत्रकार प्रिया रमानी के दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में बयान दर्ज किए जा रहे हैं. सोमवार को भी प्रिया रमानी के आगे के बयान दर्ज किए जाएंगे.

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