‘इतनी हिम्‍मत बहुत कम लोगों में होती है’, राहुल गांधी की चिट्ठी पर भावुक हुईं प्रियंका

राहुल ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति को जल्द से जल्द एक बैठक बुलानी चाहिए और नए पार्टी अध्यक्ष पर फैसला करना चाहिए.


नई दिल्‍ली: राहुल गांधी ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. राहुल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के लिए उन्‍हें दोषी ठहराया जाना चाहिए क्योंकि पार्टी 542 में से केवल 52 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई.

राहुल ने चार पन्‍नों की एक चिट्ठी में अपनी भावनाएं जाहिर कीं. उनके इस फैसले पर बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘राहुल गांधी जितनी हिम्‍मत बहुत कम लोगों में है.’ प्रियंका ने राहुल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा, “आपमें जो साहस है, वह बहुत कम लोगों में होता है। आपके निर्णय का पूरा सम्मान करती हूं.”

बुधवार को ट्वीट किए अपने पत्र में राहुल ने कहा था, “भारत में यह चलन है कि सत्तासीन लोग सत्ता से चिपक जाते हैं, कोई व्यक्ति सत्ता नहीं त्यागता. लेकिन हम सत्ता पाने की इच्छा को त्यागे बिना और विचारधारा की गहरी लड़ाई लड़ें बिना अपने विरोधियों को नहीं हरा पाएंगे.”

राहुल ने इस्तीफा देने के अपने फैसला के बारे में सबसे पहले 25 मई को कांग्रेस की कार्यसमिति को बताया था, जब आम चुनाव के परिणाम में उनकी पार्टी को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी की भाजपा से करारी हार मिली थी. पार्टी अध्यक्ष के तौर पर उत्तर प्रदेश के अमेठी में हार से प्रदेश में पार्टी के सिर्फ एक सीट पर सिमटने से भी उन्हें गहरा आघात लगा था.

राहुल ने ट्वीट किया, “कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर मैं 2019 के चुनाव के नुकसान के लिए जिम्मेदार हूं. हमारी पार्टी के भविष्य के विकास के लिए जवाबदेही महत्वपूर्ण है. यही कारण है कि मैं कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं.”

राहुल ने ट्विटर पर एक खुले पत्र में सार्वजनिक रूप से कहा कि भाजपा की व्यापक जीत ने यह साबित कर दिया है कि देश के संस्थागत ढांचे पर कब्जा करने का RSS का लक्ष्य अब पूरा हो गया है. राहुल द्वारा लिखे पत्र में कहा गया, “पार्टी के पुनर्निर्माण के लिए कठोर निर्णयों की आवश्यकता होती है और 2019 की विफलता के लिए कई लोगों को जवाबदेह बनाना होगा.

राहुल ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारी को अनदेखा कर दूसरों को जवाबदेह ठहराना अन्याय होगा. उन्होंने कहा कि किसी नए व्यक्ति के लिए कांग्रेस का नेतृत्व करना महत्वपूर्ण था और उनके लिए उस व्यक्ति का चुनाव करना सही नहीं होगा.

इससे पहले बुधवार को राहुल ने संवाददाताओं से कहा था, “मैंने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है और अब मैं पार्टी प्रमुख नहीं हूं.” उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यसमिति को जल्द से जल्द एक बैठक बुलानी चाहिए और नए पार्टी अध्यक्ष पर फैसला करना चाहिए.”

राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की सांस नहीं रोकती है. उन्होंने कहा कि कोई भी राशि या प्रचार कभी भी सच्चाई की रोशनी को नहीं छिपा सकता है. राहुल ने कहा कि वह कांग्रेस के एक वफादार सैनिक व भारत के एक समर्पित पुत्र बने रहेंगे.

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