घुप्प अंधेरे के बाद भी जब डॉक्टर बेटी नहीं पहुंची तो क्या-क्या झेला मां, पिता-बहन ने? सुनें उन्हीं की जुबानी

पीड़िता के पिता ने कहा, पुलिस और हमने ने अगर वक्त बर्बाद नहीं किया होता तो शायद मेरी बेटी मिल जाती. पुलिस के रेस्पॉन्स से मैं दुखी हूं.

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई. उसके शव को 25 किलोमीटर दूर ले जाकर रंगा रेड्डी जिले के चटनपल्ली पुल पर पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया. इस घटना ने राज्यभर के लोगों को स्तब्ध कर दिया है. चौतरफा निंदा के अलावा लोगों ने इस जघन्य अपराध के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन भी किया. उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया.

महिला डॉक्टर की प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने महिला की हत्या करने के बाद उसे चादर में लपेटा और उसके ऊपर केरोसिन डाल कर जला दिया. महिला को घटनास्थल से 30 किलोमीटर दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया गया.

परिवार ने बताया पुलिस को लापरवाह

इस दर्दनाक घटना के बाद महिला डॉक्टर की मां ने कहा, ‘मैं चाहती हूं कि मेरी मासूम बेटी के दोषियों को जिंदा जला दिया जाए.’ मां का कहना है कि घटना के बाद जब मेरी छोटी बेटी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची तो उसे दूसरे थाने शमशाबाद भेजा गया. कार्रवाई की बजाय पुलिस ने कहा कि मामला उसके क्षेत्र में नहीं आता. बाद में पीड़िता के परिवार के साथ कई सिपाही भेजे गए और सुबह 4 बजे तक छानबीन की गई मगर उसका पता नहीं चल पाया.

वहीं पीड़िता की बहन ने कहा, ‘एक से दूसरे पुलिस स्टेपशन जाने में हमारा काफी वक्त बर्बाद हुआ. अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती तो आज मेरी बहन जिंदा होती.’

मृतक डॉक्टर के पिता ने कहा कि, ‘हम जब पुलिस स्टेशन गए तो पुलिस ने इधर-उधर की बातें करके काफी वक्त बरबाद किया, थोड़ा हमने भी पुलिस स्टेशन पहुंचने में देरी कर दी. जब मेरी पत्नी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने गई तो पुलिस ने कहा कि जाने का सीसीटीवी फुटेज है, आने का नहीं है. पता करो कि आपकी बेटी का किसी के साथ संबंध है कि नहीं या फिर अस्पताल गई कि नहीं. पुलिस और हमने ने अगर वक्त बर्बाद नहीं किया होता तो शायद मेरी बेटी मिल जाती. पुलिस के रेस्पॉन्स से मैं दुखी हूं.’

पुलिस ने किया 4 लोगों को गिरफ्तार

साइबराबाद पुलिस ने बुधवार को 22 साल की पशु चिकित्सक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में शुक्रवार को चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया. हिरासत में लिए गए लोगों में एक ट्रक ड्राइवर और एक क्लीनर शामिल हैं. पुलिस को अंदेशा है कि आरोपियों ने युवती लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को जला दिया.

खबरों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से मुख्य सूत्रधार मोहम्मद पाशा नाम के शख्स को माना जा रहा है. पाशा के अलावा नवीन, केशावुलू और शिवा इन इन सदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है.

priyanka reddy murder, घुप्प अंधेरे के बाद भी जब डॉक्टर बेटी नहीं पहुंची तो क्या-क्या झेला मां, पिता-बहन ने? सुनें उन्हीं की जुबानी

ये है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला डॉक्टर कोल्लुरु स्थित पशु चिकित्सालय में काम करती थीं. बुधवार को उन्होंने टोल प्लाजा के नजदीक अपनी स्कूटी पार्क की और कैब से काम पर पहुंची. रात में जब वह लौटी तो उन्होंने पाया कि उनकी स्कूटी पंक्चर है. महिला डॉक्टर ने अपनी बहन को स्थिति के बारे में बताया और यह भी जाहिर किया कि उन्हें डर लग रहा है क्योंकि आसपास सिर्फ लोडिंग ट्रक और अनजान लोग हैं.

इस पर बहन ने उन्हें टोल प्लाजा जाने या फिर स्कूटी छोड़ कैब से आने को कहा. महिला डॉक्टर ने अपनी बहन को बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें मदद ऑफर की है और उन्होंने थोड़ी देर से कॉल बैक करने की बात कही. लेकिन बाद में जब परिवारजनों ने फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ आने लगा.

शमशाबाद के पुलिस डीसीपी प्रकाश रेड्डी ने कहा, ब्रिज के नीचे मिला शव महिला डॉक्टर का ही है. उनकी बहन के साथ आखिरी बार फोन पर बात हुई थी उसकी रिकॉर्डिंग हमने सुनी उसके अनुसार उनकी स्कूटी का टायर पंचर हो गया था. वहां कुछ ट्रक ड्राइवर्स खड़े थे और वे उनकी स्कूटी का पंचर बनवाने के लिए ले गए. हमें शक है कि उन लोगों ने ही महिला डॉक्टर के साथ कुछ किया होगा हम उसकी तहकीकात कर रहे हैं.

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला डॉक्टर का इनरवियर उसके शव से 100 मीटर की दूरी पर मिला है. इससे माना जा रहा है कि उन दरिंदों ने रेप की घटना को भी अंजाम दिया. शहर के बाहरी इलाके शादनगर में महिला डॉक्टर का जला हुआ शव मिला.