वेटनरी डॉक्टर के परिजनों का आरोप, पुलिस ने एक्शन लेने में की देरी

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बेटी को लेकर उनसे फालतू के सवाल भी किए, जैसे उसका किसी से प्रेम-प्रसंग तो नहीं था?

दरिंदों के जुल्म का शिकार हुई वेटनरी डॉक्टर युवती के परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस से वारदात की शिकायत की थी, मगर पुलिस ने ठीक से जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि यदि साइबराबाद पुलिस ने उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करती तो उनकी बेटी को बचाया जा सकता था.

हैदराबाद के बाहरी इलाके आउटर रिंग रोड पर में बुधवार रात 22 साल की पशु चिकित्सक युवती के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. उसके शव को 25 किलोमीटर दूर ले जाकर पेट्रोल से जलाने का प्रयास किया गया. युवती का अधजला शव एक पुलिया के नीचे से बरामद हुआ है.

मारी गई युवती के पिता ने कहा कि उन्होंने बुधवार रात 11 बजे पुलिस को फोन किया था, लेकिन उन्होंने अधिकार क्षेत्र की बात और अन्य सवाल करते हुए बहुत सारा समय बर्बाद कर दिया. उन्होंने बताया कि कुछ हवलदारों को तड़के तीन बजे घटनास्थल पर भेजा गया.

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बेटी को लेकर उनसे फालतू के सवाल भी किए, जैसे उसका किसी से प्रेम-प्रसंग तो नहीं था?

पशु चिकित्सक युवती ने अपनी छोटी बहन को रात 9:30 बजे फोन कर जानकारी दी थी कि उसकी स्कूटी का टायर पंक्चर हो गया है. एक व्यक्ति ने मरम्मत के लिए स्कूटी ले ली है, मगर उसने दारू पी रखी है और उसके आसपास कई ट्रक ड्राइवर भी आ गए हैं. उसे डर लग रहा है.

उसकी बहन ने पीड़िता को सलाह दी कि वह आउटर रिंग रोड से बाहर आए और अपने पास के टोल प्लाजा पर जाए, वहां वह सुरक्षित रहेगी.

लेकिन इसके बाद जब पीड़िता की छोटी बहन ने उसे दोबारा फोन किया, तो उसका मोबाइल बंद था. पीड़िता के पिता ने कहा कि शमशाबाद पुलिस स्टेशन में सूचना देने पर उन्होंने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, यह मामला दूसरे थाने के अंतर्गत आता है.

बाद में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया कि पीड़िता ने गचीबोवली में एक त्वचा विशेषज्ञ के पास जाने से पहले अपनी स्कूटी टोल प्लाजा के पास पार्क की. हालांकि, स्कूटी लेने के लिए वह लौटती दिखाई नहीं दे रही है.

पिता ने कहा, “उन्होंने हमसे कहा कि आपकी बेटी यहां नहीं आई है. उन्होंने मुझसे क्लिनिक में फोन करने और यह पूछने को कहा कि कहीं वह शाम को वहां तो नहीं चली गई है. रात के 11 बज रहे थे और क्लिनिक पहले ही बंद हो गया था.”

बाद में लगभग 3 बजे कुछ पुलिस के हवलदार पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ थोंडुपल्ली टोल प्लाजा गए, लेकिन उन्हें वहां कुछ नहीं मिला.

मारी गई युवती की बहन का कहना है कि जब उसने अपनी दीदी से बात की तो उसे नहीं लगा कि वह खतरे में है. उसने कहा, “मुझसे वह सामान्य रूप से बात कर रही थी. हालांकि, उसने कहा कि उसे डर लग रहा है और वह चाहती थी कि मैं उससे बात करती रहूं.”