JNU के बाद BHU में भी फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का आंदोलन, VC की कार पर फेंका पत्थर और बोतल

बीएचयू के संस्‍कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्‍टेंट प्रफेसर पद पर डॉ.फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में कुलपति आवास के बाहर छात्रों का धरना मंगलवार को 12वें दिन भी जारी रहा. दोपहर में कुलपति प्रफेसर राकेश भटनागर की कार धरनास्‍थल के पास से गुजरी तो छात्र दौड़ पड़े.

लखनऊ: देश की राजधानी दिल्ली में जेएनयू के छात्र काफी दिनों से फीस वृद्धि के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. अभी तक वो मामला शांत भी नहीं हो पाया कि अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों ने फीस वृद्धि के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया.

मंगलवार को बीएचयू कैंपस के कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन चलता रहा. कुलपति की कार पर पत्‍थर और पानी की बोतलें फेंकी गई. इससे पहले बीएचयू कैंपस तब सुर्खियों में था जब छात्रों ने संस्कृत प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर सवाल खड़ा कर दिया था और उनसे पढ़ने से भी साफ इनकार कर दिया था.

बीएचयू के संस्‍कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्‍टेंट प्रफेसर पद पर डॉ.फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में कुलपति आवास के बाहर छात्रों का धरना मंगलवार को 12वें दिन भी जारी रहा. दोपहर में कुलपति प्रफेसर राकेश भटनागर की कार धरनास्‍थल के पास से गुजरी तो छात्र दौड़ पड़े.

इस बीच किसी ने एक पत्‍थर और पानी की बातलें कार पर फेंकी. हालांकि, पत्‍थर कार में लगा नहीं लेकिन इससे हड़कंप मच गया. सुरक्षाकर्मी दौड़े तो कुछ देर के लिए छात्र हट गए. बीएचयू प्रशासन के प्रवक्‍ता डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि धरनारत छात्रों में से किसी ने पानी की बोतल कुलपति की कार पर फेंकी थी.

उधर, विधि संकाय के एलएलबी के छात्र फीस कम करने की मांग को आंदोलित हैं. छात्रों ने कक्षा का बहिष्‍कार करने के साथ प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि एक तरफ पुरानी प्रणाली से एलएलबी करने वालों से महज तीन से चार हजार रुपये शुल्‍क लिया जाता है जबकि नई व्‍यवस्‍था में 65 हजार रुपये सालाना शुल्‍क लिया जा रहा है.