, IL&FS ग्रुप में प्रोविडेंट फंड्स के ‘हजारों करोड़ रुपये’ फंसे!
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IL&FS ग्रुप में प्रोविडेंट फंड्स के ‘हजारों करोड़ रुपये’ फंसे!

, IL&FS ग्रुप में प्रोविडेंट फंड्स के ‘हजारों करोड़ रुपये’ फंसे!

IL&FS ग्रुप के बॉन्ड्स में प्रोविडेंट और पेंशन फंड ट्रस्टों के हजारों करोड़ रुपये फंसने का अनुमान है. विभिन्न ट्रस्टों की ओर से नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) में हस्तक्षेप याचिकाएं (इंटरवीनिंग पिटिशंस) दाखिल की गई हैं. IL&FS के बॉन्ड्स को AAA रेटिंग मिली हुई थी. ऐसे में पीएफ फंड्स ने इसमें जमकर पैसा लगाया था. ये ट्रेडेड इंस्ट्रूमेंट्स हैं, इसलिए वास्तविक धन की जानकारी सामने नहीं आ पाई है.

ऐसा अनुमान है कि 14 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड्स को मैनेज करने वाले 50 से ज्यादा ट्रस्टों के पैसे IL&FS में फंसे हुए हैं. वहीं, फंडों को रेजॉलुशन प्रॉसेस से भी आपत्ति है. फंडों ने एनसीएलटी को दिए आवेदनों में इसका उल्लेख किया है. पीएफ फंडों को एनसीएलटी में आवेदन देने की समयसीमा 12 मार्च तक है. ऐसे में आवेदनों की संख्या में और भी इजाफा होने की भरपूर संभावना है. इससे दांव पर फंसे धन में भी बढ़ोत्तरी होगी.

देशभर की कई कंपनियों के कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड्स मैनेज करने वाले ट्रस्ट्स ने एनसीएलटी में याचिका दाखिल की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें एमएमटीसी, इंडियन ऑइल, सिडको, हुडको, इडबी, एसबीआई के साथ-साथ गुजरात और हिमाचल प्रदेश के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी शामिल हैं. इनके अलावा IL&FS ग्रुप के बॉन्ड्स में प्राइवेट कंपनियों के पीएफ फंड्स भी IL&FS में फंसे हुए हैं. इनमें हिंदुस्तान यूनिलिवर और एशियन पेंट्स प्रमुख मानी जा रही हैं.

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