10 सरकारी बैंकों के मर्जर से कॉरपोरेट गवर्नेंस में आएगा सुधार, मूडीज ने फैसले को सराहा

मूडीज ने कहा कि बैंक मर्जर कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार का मौका देगा, और बैंक बोर्ड की कार्यप्रणाली सुधारने को घोषित उपाय उस दिशा में एक कदम है.

सरकार द्वारा घोषित सरकारी बैकों का मर्जर एक क्रेडिट पॉजिटिव है, लेकिन उनके क्रेडिट मेरिट में तत्काल कोई सुधार नहीं होगा, क्योंकि उन सभी की करदान क्षमता की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है. यह बात वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कही है.

मूडीज ने कहा कि सरकारी बैंकों के मर्जर से उनका संचालन अर्थपूर्ण होगा और कॉरपोरेट जैसे खंड में उनकी प्रतिस्पर्धी स्थिति में मदद मिलेगी, जहां उनकी ग्राहक वालेट हिस्सेदारी कम है, और खुदरा ऋण में, जहां उनका संचालन मंद है.

बैंकों का वर्किंग सिस्‍टम सुधारेगा ये कदम : मूडीज

मूडीज इवेस्टर्स सर्विस के फायनेंशियल इंस्टीट्यूशन ग्रुप के उपाध्यक्ष, श्रीकांत वादलमणि ने कहा कि इससे बैकों को प्रौद्योगिकी में निवेश करने में भी मदद मिलेगा, जहां वे निजी सेक्टर के बैंकों की तुलना में काफी कमजोर हैं.

वादलमणि ने कहा, “ये कदम इंफास्‍ट्रक्‍चर के लिए ग्रोथ पैदा करेंगे और उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता उनकी प्रभावकता को निर्धारित करेगी.” उन्होंने यह भी कहा कि मर्जर कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार का मौका देगा, और बैंक बोर्ड की कार्यप्रणाली सुधारने को घोषित उपाय उस दिशा में एक कदम है.

देश में जारी मंदी से निपटने के क्रम में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को जारी रखते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों (PSB) को मिलाकर चार बैंक बनाने की घोषणा की है. इसमें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में मिला दिया जाएगा, जो कि दूसरी सबसे बड़ी सरकारी बैंक होगी.

सीतारमण के मुताबिक, केनरा बैंक और सिंडीकेट बैंक का विलय किया जाएगा, जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को मिलाकर एक बैंक बनाया जाएगा. इसी प्रकार से, इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक को मिलाकर एक बैंक का गठन किया जाएगा.

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