जब तक कृषि से जुड़े अध्यादेश रद्द नहीं होते, तब तक नहीं होगी केंद्र से कोई बात: अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने बीजेपी (BJP) के साथ गठबंधन जारी रखने के मुद्दे पर कहा कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही इस मामले पर बैठक करेगी और गठबंधन पर अंतिम फैसला लेगा.

किसान बिलों (Farmer Bill) के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर के मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद बीजेपी के सामने अकाली गठबंधन में बने रहने पर संकट खड़ा हो गया है. अकाली दल कृषि बिल पर बीजेपी का विरोध कर रही है. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने गुरुवार को कृषि बिल पास होने के विरोध में पद से इस्तीफा दे दिया था.

केंद्र सरकार से बात करने के सवाल पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि जब तक ये (अध्यादेश) रद्द नहीं होते कोई बात नहीं हो सकती. हम पंजाब जाएंगे जहां पार्टी की लीडरशिप की बैठक होगी, हम सबके साथ बात करेंगे. पंजाब के किसान तीन अध्यादेशों के विरोध में सड़कों पर हैं, क्योंकि किसानों की पार्टी है. इसलिए हम सबसे आगे होकर संघर्ष करेंगे.

हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) के इस्तीफे के एक दिन बाद पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. शुक्रवार को हरसिमरत कौर ने कहा कि अकाली दल ने बार-बार मंत्रिमंडल में यह मामला उठाया लेकिन इस कानून पर पीएम मोदी (Pm Modi) का आश्वासन बहुत कम और बहुत देर से आया.  बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा आश्वासन दिए जाने पर वह आभारी हैं. लेकिन जब उन्होंने डेढ़ महीने पहले किसानों के लिए आश्वासन मांगा था, पीएम मोदी तब उनकी बात सुनते तो वह पीएम का और भी ज्यादा आभार जतातीं.

बीजेपी से गठबंधन तोड़ सकता है शिरोमणि अकाली दल

वहीं शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (Badal) ने बीजेपी के साथ गठबंधन जारी रखने के मुद्दे पर कहा कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही इस मामले पर बैठक करेगा और गठबंधन पर अंतिम फैसला लेगा. अकाली दल बीजेपी का सबसे पुराना गठबंधन का साथी है.

सुखबीर सिंह बादल ने पीएम मोदी क् ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने ट्वीट कर कहा था कि कृषि बिल किसान विरोधी नहीं है और यह न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म नहीं करेगा, लेकिन वह यह सुनिश्चित नहीं कर सकते कि कानून में इसका ब्यौरा मौजूद है.

कृषि बिलों के विरोध में हरसिमरत कौर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल दिया इस्तीफा

बतादें कि गुरुवार को सदन में कृषि बिल (Farmer Bill) पास होते ही जैसे ही हरसिमरत कौर ने अपने इस्तीफे की पेशकश की, फिरोजपुर से सांसद सुखबीर सिंह बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर के साथ संसद से बाहर चले गए. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सिर्फ एक ट्वीट कोई आश्वासन नहीं है. पीएम ने जो भी ट्वीट में लिखा है उसे बिल में डालना चाहिए और संसद के पटल पर आश्वासन देने में दिक्कत ही क्या है.

सुखबीर बादल ने कहा कि उनके पास हरसिमरत कौर द्वारा आध्यादेश के विरोध में लिखे गए असहमति नोट की वह कॉपी मौजूद है, जिसे सरकार ने अब बिल बना दिया है. कैबिनेट में उनकी पार्टी पहले दिन से ही इस आध्यादेश का विरोध कर रही थी. उन्होंने यह बात संसद में भी रखी लेकिन सरकार ने कहा कि यह सिर्फ एक आध्यादेश है और जब भी वह इसे बिल के रूप में पास करेंगे तो उनकी शंकाओं का ध्यान रखेंगे.

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