प्रज्ञा ठाकुर के बाबरी तोड़ने के दावे पर उठा सवाल, क्या तब उम्र थी बस 4 साल?

प्रज्ञा ठाकुर ने बाबरी विध्वंस का जो दावा ठोका था वो अब सवालिया निशान के घेरे में है. वजह है उनकी जन्मतिथि. आइए जानते हैं क्या है विवाद.
pragya thakur, प्रज्ञा ठाकुर के बाबरी तोड़ने के दावे पर उठा सवाल, क्या तब उम्र थी बस 4 साल?

प्रज्ञा सिंह ठाकुर लोकसभा चुनाव 2019 की सबसे बड़ी सनसनी बनकर उभर रही हैं. ताबड़तोड़ बयानों से मचे बवाल और चुनाव आयोग के नोटिस के बाद भी प्रज्ञा ठाकुर थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अब उन्होंने बाबरी पर चढ़कर ढांचा तोड़ने का दावा किया है, और वो भी एक बार नहीं बल्कि कई-कई बार.

टीवी9 भारतवर्ष के कैमरे पर भी प्रज्ञा ठाकुर ने यही बात बारंबार दोहराई है लेकिन उनके दावे पर सभी को भरोसा नहीं है. सोशल मीडिया पर अब उनके दावे को लेकर तरह-तरह के सवाल किए जा रहे हैं. उम्मीद है कि उनके पास तक ये सवाल ज़रूर पहुंचेंगे और वो जवाब भी देंगी. सवालों के ढेर में सबसे बड़ा सवाल प्रज्ञा की उम्र को लेकर उठा है.

कई सारे ट्विटर हैंडल्स और फेसबुक प्रोफाइल्स पर जानकारी दी जा रही है कि प्रज्ञा ठाकुर की जन्मतिथि 2 अप्रैल 1988 है, जिसके हिसाब से बाबरी मस्जिद विध्वंस के वक्त वो महज़ चार साल आठ महीने की थीं. ज़ाहिर है, पांच साल से भी कम उम्र की बच्ची बाबरी तो क्या तोड़ेगी, वो अकेले अयोध्या भी ना पहुंच सकेगी. ऐसे में प्रज्ञा का वो दावा झूठा पड़ता है जो उन्होंने राष्ट्रीय चैनलों के सामने बार-बार किया है.

लेकिन इसी कहानी का एक पहलू और भी है. प्रज्ञा की एक और जन्मतिथि सोशल मीडिया में तैर रही है जो साल 1971 है. उसके हिसाब से वो बाबरी विध्वंस के वक्त  करीब 20 साल की थीं और मुमकिन है कि उनके दावे में कुछ सच्चाई हो. ट्विटर पर एक यूज़र ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दर्ज प्रज्ञा की एक अपील के दस्तावेज़ का फोटो लगाया है. इसमें दिख रहा है कि साल 2016 में प्रज्ञा की आयु 44  साल थी. इस दस्तावेज की सच्चाई पर उसी तरह पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता जिस तरह प्रज्ञा की 1988 की जन्मतिथि पर कुछ कहना मुश्किल है.

 

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