अवमानना मामले में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त मांगी माफी

राहुल ने पहले अदालत के समक्ष खेद जताते हुए कहा था कि 'चुनाव प्रचार के आवेश' के दौरान उनसे गलती हो गई थी.

नई दिल्‍ली: पीएम नरेंद्र मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी करने से जुड़े मामले में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है. बुधवार (8 मई) को शीर्ष अदालत में एक माफीनामा दाखिल कर राहुल ने कहा कि उनका मकसद अदालती कार्यवाही में दखलअंदाजी करने का नहीं था. राहुल ने अदालत से अवमानना मामले को खत्म करने की गुजारिश की.

राफेल मामले में पीएम नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी द्वारा अमर्यादित टिप्पणी करने को लेकर बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया था. अब सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेगा.

पिछली सुनवाई में राहुल ने क्‍या कहा था

29 अप्रैल को पिछली सुनवाई में राहुल गांधी ने इस मामले में एक और हलफनामा दायर किया था. इसमें उन्‍होंने कहा था कि मीनाक्षी लेखी अवमानना याचिका दाखिल कर अदालत को एक राजनीतिक विवाद में घसीटना चाह रही हैं और इससे राजनीतिक फायदा उठाना चाह रही हैं. उन्होंने कहा कि लेखी को इस अवमानना याचिका को दाखिल कर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए भुगतान करना चाहिए. राहुल ने अपने शपथ-पत्र में कहा था कि उनका बयान किसी भी तरह से अदालत को नाराज करने के लिए नहीं था.

राहुल ने राफेल समीक्षा याचिका के लिए लीक हो चुके रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों के इस्तेमाल पर अदालत के आदेश पर कहा था कि न्यायालय ने कहा है कि ‘चौकीदार चोर है’. वह और उनकी पार्टी लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर राफेल मामले में निशाना साधने के लिए इस नारे का इस्तेमाल करते हैं.

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