पुनर्विचार याचिका खारिज होनी चाहिए- राफेल पर केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट को जवाब

केंद्र सरकार ने राफेल पर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भारत को राफेल सस्ती कीमत पर मिला है. साथ ही व्यक्तिगत धारणा जांच का आधार नहीं हो सकती है. 

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल पुनर्विचार याचिका पर जवाब दाखिल कर दिया है. सरकार ने अपने जवाब में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि, पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और सर्वोच्च अदालत को इसे खारिज कर देना चाहिए, क्योंकि अदालत की ओर से गतवर्ष जारी किया गया निर्णय बिल्कुल सही है, उसमें कोई कमी नहीं है. ऐसे में पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नहीं है.

सर्वोच्च अदालत से सरकार ने कहा ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है और इस मामले में सरकार ने गंभीर विचार-विमर्श के बाद करार किया है. केंद्र सरकार ने कहा कि, “खरीद प्रक्रिया की समीक्षा देश में वर्तमान सुरक्षा वातावरण में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है और पड़ोसी देशों में अच्छी तरह से जानी जा सकती है.”

केंद्र ने SC में राफेल समीक्षा मामले में नए हलफनामे दाखिल किए हैं. इस हलफनामे में उन्होंने कहा है, “14 दिसंबर, 2018 के फैसले में 36 राफेल जेट के सौदे को सही ठहराया गया था और मीडिया रिपोर्टों और आंशिक आंतरिक फाइल नोटिंग को चुनिंदा तरीके से जानबूझकर रद्द किया गया था, जो समीक्षा के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता है.”

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सरकार ने कैग की रिपोर्ट पर भरोसा जताने को भी कहा है. केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा है कि, “असंतुष्ट मीडिया रिपोर्टों के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा पर संप्रभु निर्णयों पर सवाल नहीं उठा सकते.”

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को ये भी बताया कि,  “भारत को राफेल सस्ती कीमत पर मिला. साथ ही व्यक्तिगत धारणा जांच का आधार नहीं हो सकती है. किसी भी एफआईआर पर आदेश नहीं सुनाया जा सकता है, दिसंबर 2018 में SC का फैसला सही था.”

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सरकार ने अदालत को गुमराह करने के आरोपों को भी खारिज किया है.  SC ने अगली सुनवाई की तिथि छह मई तय की थी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की पीठ ने यह निर्देश तब दिया, जब केंद्र ने राफेल समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित करने की मांग की. महान्यायवादी ने हालांकि कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल नए दस्तावेजों पर जवाब देने के लिए केंद्र को कम से कम चार सप्ताह का समय चाहिए.