हाथरस केस: पुलिस ने कहा राहुल-प्रियंका को हिरासत में लिया, कांग्रेस बोली-गिरफ्तार किया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi vadra) को पुलिस ने सामूहिक बलात्कार की पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए हाथरस जाने से रोक दिया और हिरासत (Hathras) में ले लिया.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi vadra) को पुलिस ने बृहस्पतिवार को सामूहिक बलात्कार की पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए हाथरस जाने से रोक दिया और हिरासत (Hathras) में ले लिया, हालांकि पार्टी ने दावा किया कि दोनों नेताओं को गिरफ्तार किया गया.

गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की है कि दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया. वहीं नोएडा के एडीसीपी रणविजय सिंह ने कहा, ‘हमने राहुल-प्रियंका को हाथरस जाने से रोका. महामारी अधिनियम का उल्लंघन किया जा रहा है. जिसके चलते उन्हें हिरासत में लिया गया. हमने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी’

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से दावा किया, ‘राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया’.हाथरस जाने से रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका ने राज्य में जंगलराज होने एवं पुलिस द्वारा लाठियां चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ‘अहंकारी सरकार’ की लाठियां रोक नहीं सकतीं.

कांग्रेस ने किया गिरफ्तारी का दावा

इस बीच, पार्टी ने कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने राहुल गांधी को रोकने के लिए उनके साथ धक्का-मुक्की की जिस कारण वो जमीन पर गिर गए. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोका गया उसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिये निकल गए कुछ देर पैदल चलने के बाद पुलिस ने उन्हें फिर रोका.

कांग्रेस ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष पुलिस से यह पूछते नजर आ रहे हैं कि उन्हें किस धारा के तहत ‘गिरफ्तार किया गया.’

राहुल का सीएम योगी का तंज, ‘इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय..!

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जंगलराज का यह आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दुख की घड़ी में अपनों को अकेला नहीं छोड़ा जाता. यूपी में जंगलराज का ये आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय!’

‘काश… यही लाठियां और पुलिस हाथरस की बेटी की रक्षा में खड़ी होती’

प्रियंका ने आरोप लगाया कि उन्हें और राहुल गांधी को हाथरस जाने से रोकने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं, लेकिन ‘अहंकारी सरकार’ की लाठियां उन्हें रोक नहीं सकतीं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘हाथरस जाने से हमें रोका राहुल जी के साथ हम सब पैदल निकले तो बार-बार हमें रोका गया, बर्बर ढंग से लाठियां चलाईं. कई कार्यकर्ता घायल हैं. मगर हमारा इरादा पक्का है. एक अहंकारी सरकार की लाठियां हमें रोक नहीं सकतीं. काश, यही लाठियां, यही पुलिस हाथरस की दलित बेटी की रक्षा में खड़ी होती.’ इससे पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है. बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं उत्तर प्रदेश में जंगलराज है.’

उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिये और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिये. उत्तर प्रदेश में बहनों को न्याय नहीं मिलता। यह कोई पहली बार नहीं है. आपको याद होगा कि पिछले साल भी इसी वक्त हम उन्नाव की बेटी की लड़ाई लड़ रहे थे.’ प्रियंका ने दावा किया कि जब तक सरकार को झकझोरा और जगाया नहीं जाएगा तब तक वह महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ नहीं करने वाली है.

माता पिता की अनुमति के बिना अंतिम संस्कार कर देना कौन सा धर्म है?

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा कि यह घटना (हाथरस सामूहिक बलात्कार) बहुत अन्यायपूर्ण थी और उसके बाद सरकार ने शव के अंतिम संस्कार में जो किया वह तो और भी बड़ा अपमान था.उन्होंने सवाल किया कि माता-पिता की अनुमति के बिना रात के समय अंतिम संस्कार कर देना कौन सा धर्म है?

यूपी के मंत्री का हमला, राहुल-प्रियंका को राजस्थान जाना चाहिये था

इस बीच, राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने राहुल और प्रियंका पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ये जो भाई-बहन दिल्ली से चले हैं, उन्हें राजस्थान जाना चाहिये था. जहां भी ऐसी घटना होती है, वह जघन्य अपराध होता है. राजस्थान में भी वारदात हुई थी, मगर कांग्रेस हाथरस की घटना पर गंदी राजनीति कर रही है.’

31 अक्टूबर तक जिले में धारा 144
उधर, हाथरस जिलाधिकारी पीके लक्षकार ने बताया था कि जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी. जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गयी हैं. उन्होंने सभी से जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.

ये है मामला
गौरतलब है कि बीते 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था.लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी.

इस घटना को लेकर देश भर में जगह-जगह प्रदर्शन किये गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा था. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिये बुधवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। इसे सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है.

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