राफेल को लेकर राहुल गांधी ने बोला झूठ, देश से मांगें माफी; सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले रविशंकर प्रसाद

‘उच्चतम न्यायालय ने राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी. शीर्ष अदालत ने कहा कि राहुल गांधी को पूरा आदेश पढ़े बिना कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए तथा उन्हें भविष्य में सावधान रहना चाहिए.'

राफेल डील मामले में केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी याचिका ख़ारिज कर दी है. बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर की है.
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे मोदी सरकार की बड़ी जीत बताते हुए राहुल गांधी को देश से माफ़ी मांगने को कहा है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश से माफी मांगे. जनता ने जीप से लेकर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला देखा. जिनके पूरे हाथ भ्रष्टाचार से भरे है वो अपनी राजनीति को प्रायोजित झूठ से बढ़ा रहे थे. 14 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला था कि सोच के आधार पर कोर्ट का फैसला नहीं हो सकता.’

रविशंकर प्रसाद के प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें-

1. ये सत्य, सुरक्षा और मोदी सरकार की ईमानदार प्रक्रिया की जीत है. सत्यमेव जयते.
2. कांग्रेस पार्टी ऑफिसियली देश से माफी मांगें और राहुल गांधी भी देश से माफी मांगे.
3. जिनके हाथ खुद करप्शन में रंगे हैं वो एक प्रायोजित मुद्दे को उठाकर लोगों को गुमराह कर रहे थे.
4. कोर्ट ने जो भी निर्णय लिया है वो प्राइसिंग और ऑफ़सेट की प्रक्रिया की जांच करने के बाद दी है.
5. देश की सुरक्षा के लिए उचित मैटेरियल और आयुध मिले ये सुप्रीम कोर्ट ने कहा है.
6. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के एक लोकप्रिय नेता को चोर कहा गया, जो ग़लत हैं.
7. सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों ने एक साथ कहा है कि रिव्यु मेंटेनेबल (पोषणीय) नहीं है.
8. सुप्रीम कोर्ट ने बाद में कहा कि आप सावधान रहिये चूंकि आपने माफी मांगी है इसलिए छोड़ रहे हैं.
9. रविशंकर प्रसाद ने राफेल पर राहुल के 10 झूठ को एक एक कर गिनाया.
11. कांग्रेस ने झूठ बोला हमारे ईमानदार और लोकप्रिय पीएम को चोर बोला अब कांग्रेस और राहुल को माफी मांगना होगा. कम से कम जनता की निगाह में बने रहने के लिए तो माफी मांगे.
12. तीखा, शर्म से भरा, आक्रामक और बेबुनियाद इतना बड़ा अभियान किसके कहने पर राहुल और कांग्रेस ने किया ये महत्वपूर्ण सवाल है. ये पूरा अभियान कई संशय से भरा हुआ है. जो लोग कॉन्ट्रैक्ट में सफल नहीं हुए उन्होंने इस डील के लिए अभियान चलाया था.