कृषि बिल पर राहुल गांधी का निशाना, कहा- सरकार ने किसानों की मौत का फरमान पास किया

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पहले भी मोदी सरकार के किसानों से जुड़े इस बिल को किसान विरोधी और काला कानून बता चुके हैं. उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह इस बिल के जरिए किसानों को पूंजीपतियों को गुलाम बनाने में लगे हैं.

कांग्रेस नेता राहुत गांधी ने ट्वीट कर कहा कि हाथरस घटना में सरकार का रवैया अमानवीय और अनैतिक है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने राज्यसभा में कृषि बिल (Farm Bill) पास होने पर नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इस बिल को किसानों के लिए मौत का फरमान बताया. राज्यसभा में रविवार को भारी हंगामे के बीच किसानों से जुड़े बिल को पास कर दिया गया. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि आज लोकतंत्र शर्मिंदा है.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ”जो किसान धरती से सोना उगाता है, मोदी सरकार का घमंड उसे ख़ून के आँसू रुलाता है. राज्यसभा में आज जिस तरह कृषि विधेयक के रूप में सरकार ने किसानों के ख़िलाफ़ मौत का फ़रमान निकाला, उससे लोकतंत्र शर्मिंदा है.”

इससे पहले राहुल गांधी ने मोदी सरकार के किसानों से जुड़े इस बिल को किसान विरोधी और काला कानून बताया था. उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह इस बिल के जरिए किसानों को पूंजीपतियों को गुलाम बनाने में लगे हैं.

राहुल ने बताया ‘काला कानून’

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा ”मोदी सरकार के कृषि-विरोधी ‘काले क़ानून’ से किसानों को APMC/किसान मार्केट ख़त्म होने पर MSP कैसे मिलेगा? MSP की गारंटी क्यों नहीं? मोदी जी किसानों को पूँजीपतियों का ‘ग़ुलाम’ बना रहे हैं जिसे देश कभी सफल नहीं होने देगा.”

राज्यसभा में रविवार को कांग्रेस की ओर से कहा गया कि यह बिल किसानों का डेथ वारंट है और वह इसका समर्थन कभी नहीं करने वाले. विपक्ष ने मांग की कि इस बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाए. BJP ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस बिल पर किसानों को भटका रही है.

किसान होंगे मर्जी के मालिक: नड्डा

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने संसद द्वारा कृषि संबंधी विधेयकों को पारित किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसान अपनी मर्जी के मालिक होंगे. किसान अपने उत्पादों की बिक्री के लिए आजाद होंगे और उन्हें बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी. राज्यसभा में विपक्ष के हंगामें को उन्होंने गैर जिम्मेदाराना और लोकतंत्र पर आघात बताया. उन्होंने उम्मीद जताई की सदन के सभापति इसका संज्ञान लेंगे. नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्ष के सदस्यों ने आसन के समीप आकर कोविड-19 के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है.

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