कश्‍मीर भारत का आंतरिक मामला, दखल देने का हक PAK को नहीं : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने ट्वीट क‍िया, "कश्‍मीर भारत का आंतरिक मसला है और उसमें पाकिस्‍तान या किसी भी दूसरे देश के दखल देने की जगह नहीं है."

पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पाकिस्‍तान को करारा जवाब दिया है. राहुल ने कहा कि कश्‍मीर भारत का आंतरिक मसला है और पाकिस्‍तान को इसमें दखल देने का कोई हक नहीं है. उन्‍होंने कहा कि कश्‍मीर में हिंसा को पाकिस्‍तान समर्थन देता है और वह आतंकवाद का दुनिया में सबसे बड़ा समर्थक देश है.

राहुल ने ट्वीट किया, “मेरी इस सरकार से कई मुद्दों पर असहमति है, लेकिन एक बात साफ कर देना चाहूंगा: कश्‍मीर भारत का आंतरिक मसला है और उसमें पाकिस्‍तान या किसी भी दूसरे देश के दखल देने की जगह नहीं है.”

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “जम्‍मू और कश्‍मीर में हिंसा है. हिंसा इसलिए है क्‍योंकि उसे पाकिस्‍तान भड़काता और समर्थन देता है. पाकिस्‍तान को दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा समर्थक माना जाता है.”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी जम्‍मू-कश्‍मीर में प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध करते रहे हैं. वह विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ घाटी का दौरा कर अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद के हालात का जायजा लेने भी गए थे. हालांकि उन्‍हें श्रीनगर हवाई अड्डा पर प्रशासन के अधिकारियों ने नेताओं को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी थी.

प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, के.सी. वेणुगोपाल, माकपा नेता सीताराम येचुरी, द्रमुक नेता त्रिची शिवा, एलजेडी नेता शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी, भाकपा नेता डी. राजा, राकांपा के मजीद मेमन, राजद के मनोज झा और जेडीएस के डी. कुपेंद्र रेड्डी शामिल थे.

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