क्या राहुल गांधी लेने वाले हैं कोई बड़ा फैसला? कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक आज

राहुल गांधी की कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक का एजेंडा अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, उम्मीद है कि हाल में लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार पर मंथन किया जाएगा.

नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को कांग्रेस के सभी पांच मुख्यमंत्रियों के साथ मुलाकात करेंगे. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद ये उनकी मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक है. मुख्यमंत्रियों से ये उम्मीद की जा रही है कि वह राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहेंगे. राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के निर्णय से कांग्रेस के पदाधिकारियों के बीच इस्तीफे का एक दौर शुरू हो गया है, जिससे पार्टी में एक बड़ा संकट पैदा हो गया है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी सोमवार शाम गांधी के साथ बैठक में मौजूद रहेंगे.

सूत्रों ने बताया कि बैठक राहुल गांधी ने बुलाई है, हालांकि मुख्यमंत्रियों ने भी उनसे मिलने का समय मांगा था. राहुल गांधी के पद छोड़ने के फैसले के साथ कांग्रेस को हाल के इतिहास में अपने सबसे बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है. उनके इस निर्णय के बाद से कई कांग्रेस नेताओं ने सामूहिक इस्तीफे की मांग की है.

25 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा दिया था. वह इस बात से नाराज दिखे थे कि गहलोत और कमलनाथ ने अपने बेटों को पार्टी में आगे रखा था. गहलोत के बेटे चुनाव हार गए थे, हालांकि कमलनाथ के बेटे ने चुनाव जीता था.

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कांग्रेस में जारी है इस्तीफों का दौर

राहुल गांधी के इस्तीफे पर अडिग रहने के समर्थन में किसान कांग्रेस प्रकोष्ठ के प्रमुख नाना पटोले और पार्टी के राजस्थान प्रभारी सचिव तरुण कुमार ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उधर, उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के समर्थन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इस्तीफों की झड़ी लगा दी है.  पूर्व कांग्रेस सांसद पटोले ने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ ही राहुल गांधी के समर्थन में किसान कांग्रेस के सभी निकायों को भंग कर दिया.  पटोले के अलावा पार्टी के राजस्थान प्रभारी सचिव तरुण कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी प्रमुख को भेज दिया है.

इन नेताओं ने राहुल के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दिया है, ताकि कांग्रेस संगठन को नया स्वरूप देने का रास्ता साफ हो. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद ही इस्तीफा दे दिया था.

कांग्रेस ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में 280 ब्लॉक कमेटियों को भंग कर दिया था. इतना ही नहीं, पार्टी अध्यक्ष के समर्थन में कई राज्यों के विभिन्न स्तरों के 140 से अधिक पार्टी नेताओं ने इस्तीफा दे दिया था.  गुरुवार को कांग्रेस के विधि एवं आरटीआई प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विवेक तन्खा ने इस्तीफा देने के साथ राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वह पार्टी को ‘जुझारू बल’ के रूप में पुनर्गठित करें.

कांग्रेस ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की सभी जिला कमेटियों को यह कहकर भंग कर दिया था कि तीन सदस्यीय अनुशासन समिति बनाई जाएगी, जो लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने वालों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई करेगी. कांग्रेस ने 19 जून को पार्टी की कर्नाटक इकाई के प्रमुख और पार्टी प्रभारी को छोड़कर कमेटी को भंग कर दिया था.

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