हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाए जाने के बयान का कुछ इस तरह दिया राहुल गांधी ने जवाब

गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी को भारत की राष्ट्रीय भाषा बनाने की अपील की थी, जिसके खिलाफ कई नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद की.

कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने देश भर में हिंदी को एक आम भाषा के रूप में रखने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की राय के खिलाफ सोमवार को एक ट्वीट किया. देश में बोली जाने वाली कई भाषाओं में से 23 को राष्ट्रीय ध्वज इमोजी के साथ बताते हुए, पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने ट्वीट किया, “भारत की कई भाषाएं उसकी कमजोरी नहीं हैं.”

मालूम हो कि गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी को भारत की राष्ट्रीय भाषा बनाने की अपील की थी, जिसके खिलाफ कई नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद की. सोमवार को उन राजनेताओं में राहुल गांधी का भी नाम जुड़ गया. वर्तमान में, हिंदी और अंग्रेजी केंद्र की आधिकारिक भाषा हैं. राहुल गांधी के इस ट्वीट को 17,000 से ज्यादा बार पसंद किया गया था.

इससे पहले, कांग्रेस ने भी बीजेपी की पिच का विरोध करते हुए कहा था कि “तीन-भाषा के फॉर्मूले” का कोई संकेत नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि इससे देश में संघर्ष और अशांति पैदा होगी. तीन भाषाओं के फॉर्मूले को आमतौर पर हिंदी, अंग्रेजी और संबंधित राज्यों की क्षेत्रीय भाषा को शामिल करने के लिए समझा जाता है.

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