VIDEO: RBI से चोरी वाले राहुल गांधी के आरोपों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया ये जवाब

"#RBILooted" हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया था, "RBI से चोरी करने से काम नहीं चलेगा- यह डिस्पेंसरी से एक बैंड-एड चोरी करने और एक बंदूक की गोली के घाव पर चिपकाने जैसा है."

राहुल गांधी के केंद्र सरकार पर लगाए ‘RBI से चोरी’ के आरोपों पर मंगलवार को पलटवार करते हुए वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्हें टिप्पणी करने से पहले इस मुद्दे के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए किसी विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए. सीतारमण ने कहा कि RBI ने सरप्लस के ट्रांसफर के लिए एक समिति का गठन किया था और वे खुद ही इस निर्णय पर पहुंचे हैं, सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है.

पुणे में उद्यमियों और टैक्स अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जब भी राहुल गांधी ‘चोर या चोरी,’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो मेरे दिमाग में एक बात आती है कि उन्होंने ‘चोर, चोरी’ का बढ़िया इस्तेमाल किया था (2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने कैंपेन चलाया था), लेकिन जनता ने उन्हें सटीक जवाब दिया. फिर अब दोबारा से इन शब्दों का इस्तेमाल करने का क्या मतलब है?”

मालूम हो कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने RBI द्वारा रिकॉर्ड नकदी ट्रांसफर पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री “स्व-निर्मित आर्थिक आपदा” को हल करने के बारे में बिलकुल अंजान हैं और इसी के साथ उन्होंने बैंक से “पैसे चोरी” करने का आरोप भी सरकार पर लगाया.

गोली के घाव पर बैंड-एड चिपकाने से क्या फायदा

उन्होंने कहा कि यह कदम डिस्पेंसरी से बैंड-एड चोरी करने और बंदूक की गोली के घाव पर चिपकाने जैसा था. RBI द्वारा सरकार को अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने के लिए 1.76 लाख करोड़ रुपए लेने की अनुमति देने के बाद राहुल गांधी की ये प्रतिक्रिया आई थी. उन्होंने इसके बाद आरोप लगाया, “पीएम और एफएम अपनी स्व-निर्मित आर्थिक आपदा को हल करने के तरीके के बारे में स्पष्ट नही हैं.”

“#RBILooted” हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “RBI से चोरी करने से काम नहीं चलेगा- यह डिस्पेंसरी से एक बैंड-एड चोरी करने और एक बंदूक की गोली के घाव पर चिपकाने जैसा है.” एक अलग मुद्दे पर बात करते हुए, सीतारमण ने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि व्यापारी और उद्यमी बिना किसी चिंता के काम करें.

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