भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण हर किसी के लिए एक जीत की स्थिति: नीति आयोग CEO अमिताभ कांत

भारतीय रेलवे (Indian railways) में भी सरकार ने निजीकरण की तैयारियां लगभग कर ली हैं. रेलवे में निजीकरण को लेकर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत (Niti Aayog CEO Amitabh Kant) ने कहा कि इससे सभी को फायदा ही होगा.

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  • Publish Date - 8:57 pm, Thu, 17 September 20

भारतीय रेलवे (Indian railways) में भी सरकार ने निजीकरण की तैयारियां लगभग कर ली हैं. रेलवे में निजीकरण को लेकर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत (Niti Aayog CEO Amitabh Kant) ने कहा कि इससे सभी को फायदा ही होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण हर किसी के लिए एक जीत की स्थिति है. उन्होंने कहा कि क्वालिटी ट्रेन सेवाएं, नई तकनीक और वैल्यू एडेड सेवाएं यूजर्स के अनुभव को बढ़ाएंगी.

अमिताभ कांत ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत होने वाले फायदों को भी गिनाया. उन्होंने कहा, ‘यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके निजी कंपनियां आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ सवारी रेलगाड़ियों का परिचालन करेंगी.’

खर्च होंगे 30,000 करोड़

कांत ने कहा, ‘भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण हर किसी के लिए एक जीत की स्थिति है. क्वॉलिटी ट्रेन सेवाएं, नई तकनीक और वैल्यू एडेड सेवाएं यूजर्स के अनुभव को बढ़ाएंगी’ हम 109 रेलमार्गों को देख रहे हैं, जिसके लिए 151 ट्रेनों की आवश्यकता है, जिन्हें 12 समूहों में विभाजित किया गया है. इसके लिए हम पारदर्शी तरीके से बोली प्रक्रिया का आयोजन करेंगे. उन्होंने कहा, ‘जिस निजी क्षेत्र का निवेश हम देख रहे हैं, वह लगभग 30,000 करोड़ रुपये का है.’

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के लिए लगाए जाने वाले एयरपोर्ट जैसे यूजर चार्ज को लेकर कहा कि ‘यह नाममात्र का होगा. साथ ही, यह चार्ज केवल पुनर्विकास स्टेशनों के लिए लागू होगा. उन्होंने साफ किया कि वर्तमान में सभी स्टेशनों का पुनर्विकास नहीं किया जा रहा है.’ वहीं, प्राइवेट कंपनियों द्वारा किराए में बढ़ोतरी के सवाल पर वीके यादव ने कहा कि किराए में बढ़ोतरी ज्यादा नहीं होगी.