RaiSinaDialogue2020: लोकतांत्रिक देशों में हो रहे प्रदर्शनों से कैसे निपटा जाए, कनाडा के पूर्व PM ने पूछा

कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की तारीख में लोकतांत्रिक देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है अपने ही देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से निपटने की.
RaiSina Dialogue 2020, RaiSinaDialogue2020: लोकतांत्रिक देशों में हो रहे प्रदर्शनों से कैसे निपटा जाए, कनाडा के पूर्व PM ने पूछा

भू-राजनीति और भू-अर्थनीति पर भारत का महत्‍वपूर्ण वैश्विक सम्‍मेलन-रायसीना डायलॉग शुरू हो गया. रायसीना डायलॉग में कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से किया गया सवाल कि मध्य पूर्व की समस्या कैसे सॉल्व होगी. रायसीना डायलॉग का पांचवां अंक विदेश मंत्रालय और ऑब्‍जर्वर रिसर्च फाउण्‍डेशन द्वारा संयुक्‍त रूप से आयोजित किया जा रहा है.

कनाडा के पूर्व पीएम स्टीफन हार्पर
आज की तारीख में लोकतांत्रिक देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, अपने ही देश मे हो रहे विरोध प्रदर्शनों से निपटने की.

भूटान के पूर्व पीएम शेरिंग टोबगे ने कहा
अब मैं लीडर नहीं हूं क्योंकि मैं पिछले साल ही चुनाव हार चुका हूं. अपने देश की खुशी का राज बताते हुए उन्होंने कहा कि छोटे मुल्क होने के साथ साथ हमने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किए जाने वाले विकास और अपनी जड़ों के साथ कनेक्शन के बीच संतुलन बनाये रखा है.

हामिद करज़ई
अफगानिस्तान की सबसे बड़ी या कहें एकमात्र जरूरत शांति है. अमेरिका को यह समझना होगा कि हर बार हर मुद्दे पर बाकी दुनिया उसके साथ खड़ी नहीं हो सकती है.
डेनमार्क के पूर्व पीएम ने कहा यूक्रेन मामले में रूस के खतरे से निपटने के लिए नाटो ने एकजुट बने रहने का फैसला किया और प्रेसिडेंट ट्रम्प इसका क्रेडिट लेते हैं. चलिए अगर क्रेडिट लेने से वो नाटो को समझ सकते हैं तो क्रेडिट ले लें, हालांकि ये उनके राष्ट्रपति बनने से पहले ही हुआ था. आज की तारीख में नाटो और ज्यादा जरूरी एवं मजबूत है.

साउथ कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति – बहुपक्षीय ही दुनिया का बेहतर भविष्य

स्वीडन के पूर्व पीएम कार्ल ब्लिडिट
नई दुनिया को तकनीक के साथ आगे बढ़ना ही होगा क्योंकि हम औद्योगिकीकरण के उस पुराने दौर में नहीं लौट सकते.
दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा क्या है, सात देशों के राष्ट्राध्यक्षों का जवाब क्लाइमेट चेंज.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में हो रहे रायसीना डायलॉग 2020 के उद्घाटन सत्र में भाग लेने के लिए पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद हैं. भारत की फ्लैगशिप ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ‘रायसीना डायलॉग’ मंगलवार से शुरू हुआ. कॉन्फ्रेंस में मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बारे में चर्चा की जाएगी. इस कॉन्फ्रेंस में सात पूर्व राष्ट्रप्रमुख और 12 देशों के विदेश मंत्रियों समेत 100 देशों के 700 सदस्य शिरकत कर रहे हैं.

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