शिया वक्फ बोर्ड का आरोप- पाकिस्तान से पैसे नहीं मिले तो धवन को हटाया, रिव्यू पिटिशन से बढ़ेगी नफरत

धवन ने फेसबुक पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी और खुद के बीमार होने से जुड़े जमीयत के बयान को बकवास करार दिया.

शिया वक़्फ़ बोर्ड ने जमीयत उलेमा ए हिंद के पिटिशन से सीनियर वकील राजीव धवन को हटाने को लेकर बड़ा आरोप लगाया है. बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजीवी ने कहा कि कहा राजीव धवन बड़े वकील हैं, बहुत ज्यादा फीस लेते हैं. पाकिस्तान के हालात इस समय खराब हैं. पाकिस्तान से पैसा नहीं आया होगा इसलिए वे लोग राजीव धवन को नहीं रख रहे हैं. रिजवी ने रिव्यू पिटिशन पर भी बड़ा हमला बोला. उनकते मुताबिक पुनर्विचार याचिका दाखिल कर हिंदू और मुसलमानों के बीच नफ़रत का बीज बो दिया गया है.

इसके पहले अयोध्या रामजन्मभूमि और विवादित बाबरी ढांचा केस में जमीयत उलेमा ए हिंद की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वकील राजीव धवन को रिव्यू पिटिशन से हटा दिया गया. धवन ने फेसबुक पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी और खुद के बीमार होने से जुड़े जमीयत के बयान को बकवास करार दिया.

चर्चित वकील राजीव धवन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि बाबरी केस से मुझे निकाल दिया गया है. अधिवक्ता एजाज मकबूल अब जमीयत की ओर से पेश पैरवी करेंगे. मैंने बिना बातचीत किए खुद के निकाले जाने को कबूल करते हुए एक औपचारिक पत्र जमीयत को लिखा है. अब इस केस के रिव्यू पिटिशन से मेरा कोई वास्ता नहीं है.

धवन ने लिखा कि उन्हें बताया गया है कि उन्हें केस से हटाए जाने का फैसला जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख सैयद अरशद मदनी का है. इसके पीछे मेरे सेहतमंद नहीं होने की वजह बताई जा रही है जो बिल्कुल बकवास है. उन्होंने लिखा कि मदनी को हक है कि वह अपने वकील मकबूल से मुझे केस से हटाने कह सकते हैं, लेकिन उन्होंने जो वजह बताई है वह सरासर झूठ और तकलीफदेह है.

Rajeev dhavan babri case, शिया वक्फ बोर्ड का आरोप- पाकिस्तान से पैसे नहीं मिले तो धवन को हटाया, रिव्यू पिटिशन से बढ़ेगी नफरत

दूसरी ओर रिव्यू पिटिशन से जुड़े वकील एजाज मकबूल ने इस बारे में कहा कि मदनी सोमवार को ही पिटिशन दाखिल करना चाहते थे, लेकिन धवन उपलब्ध नहीं हो पाए. वह डेंटिस्ट के क्लिनिक में थे. इसलिए उनका नाम अर्जी से हटा दिया गया.

वहीं मदनी ने पिटिशन दाखिल होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि राजीव धवन बीमार हैं. इसलिए रिव्यू पिटिशन से उनका नाम हटा दिया गया है. इस मामले को एजाज मकबूल आगे लेकर जाएंगे.

जानकारी के मुताबिक राजीव धवन अयोध्या मामले में बाकी मुस्लिम पार्टी की ओर से वकील हो सकते हैं. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित पांच मुस्लिम पार्टियां सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन के लिए धवन की अगुआई चाहती है. जमीयत की ओर से हटाए जाने के पहले धवन से इन पार्टी के लोगों की मुलाकात की बात भी सामने आ रही है. इस बारे में मंगलवार को जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है.

इसके पहले सभी मुस्लिम पार्टी एक साथ रिव्यू पिटिशन दाखिल करना चाहती थी, लेकिन जमीयत की ओर से एजाज मकबूल ने पहले और अकेले ही ऐसा कर दिया. इसे धवन की नाराजगी की वजह बताया जा रहा है. पर्सनल लॉ बोर्ड के एक सीनियर नेता ने बताया कि इससे गलत संदेश जा रहा है कि मुसलमानों ने धवन का इस्तेमाल किया और फिर डंप कर दिया. इसलिए हम उन्हें केस से जोड़े रखना चाहते हैं.

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