‘नूतन-पुरातन दोनों का सुंदर समागम है नई शिक्षा नीति’, रक्षा मंत्री राजनाथ बोले- बदलाव में लगे 33 साल

रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह ने कहा कि 33 साल से कोई शिक्षा नीति (Education Policy) नहीं लाई गई थी, शिक्षा के क्षेत्र में हमारा नजरिया पिछली शताब्दियों में ही अटका रहा है, जबकि नई शिक्षा नीति से 21 वीं शताब्दी के नए और व्यापक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है.

  • IANS
  • Publish Date - 3:06 pm, Thu, 24 September 20

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आज बिहार के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा से बहुमुखी विकास के लिए 33 साल बाद नई शिक्षा नीति बनाई गई है. उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नूतन और पुरातन शिक्षा का समागम है. देश के रक्षा मंत्री ने बिहार के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों से वर्चुअल संवाद के दौरान यह बात कही.

राजनाथ सिंह ने कहा कि 33 साल से कोई शिक्षा नीति (Education Policy) नहीं लाई गई थी. शिक्षा के क्षेत्र में हमारा नजरिया पिछली शताब्दियों में ही अटका रहा है, जबकि नई शिक्षा नीति से 21 वीं शताब्दी के नए और व्यापक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है.  उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षकों से संवाद करते हुए बहुत खुशी हो रही है, वह भी इसी समुदाय से आते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार (Bihar) को ज्ञान की धरती का दर्जा प्राप्त है, बिहार की धरती तो विश्व के सबसे बड़े शिक्षक महात्मा बुद्ध की धरती है.

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शिक्षक समाज के सबसे अच्छे शिल्पकार-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने शिक्षकों (Teachers) को समाज का शिल्पी बताते हुए कहा कि शिक्षकों से समाज का अच्छा शिल्पकार कोई नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि जिस तरह कुम्हार मिट्टी से उपयोगी बर्तन बना देता है, ठीक उसी तरह आने वाली पीढ़ी को गढ़ने का काम शिक्षकों का है. उन्होंने कहा कि जिस बिहार में चाणक्य ने अर्थशास्त्र लिखा हो और नालंदा विश्वविद्यालय भी वहां हो, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसकी बुनियाद क्या रही होगी.

‘शिक्षकों पर बच्चों का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी’

राजनाथ सिंह ने कहा कि बिहार के युवा आज भी देश से विदेशों तक परचम लहरा रहे हैं. उन्होंने बिहार (Bihar) के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को सुसंस्कृत शिक्षा देता है. नई शिक्षा नीति (New Education Policy) की चर्चा करते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि शिक्षा एक व्यापक दृष्टिकोण है. नई शिक्षा नीति नए भारत की नई आकांक्षाओं और जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी हम सभी शिक्षकों पर है.

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बतादें कि भारत की शिक्षा प्राणाली में एक बड़ा परिवर्तन करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 जुलाई 2020 को एक नई शिक्षा नीति (New Education Policy) को मंजूरी दी . यह नीति स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों प्री-स्कूल से माध्यमिक स्तर तक सबके लिए एक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर देती है. इसमें स्कूली शिक्षा प्राणाली को 5+3+3+4 के रूप में बदला गया है.