संसद परिसर में धरने पर बैठे निलंबित सांसदों से मिलने पहुंचे राज्यसभा के उपसभापति, की चाय पर चर्चा

राज्यसभा (Rajya Sabha) के उपसभापति हरिवंश नारायण 8 निलंबित किए गए सांसदों से मिलने पहुंचे. उपसभापति ने इन निलंबित किए गए सांसदों से चाय पर चर्चा की.

असंसदीय व्यवहार के चलते 8 विपक्षी सांसदों को राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश नारायण (Harivansh Narayan) का अपमान करने के चलते सोमवार को निलंबित कर दिया गया. जिसके बाद राजनीति चरम पर है. निलंबन के वक्त काफी देर बाद ये सांसद सदन से बाहर आए और संसद भवन में गांधी प्रतिमा के नज़दीक बैठ गए. जहां एक ओर विपक्ष कृषि बिल को लेकर सरकार को घेरने की हर संभव कोशिश कर रहा है वहीं बिहार एनडीए इसे हरिवंश नारायण का अपमान बता रही है.

आज सुबह जो हुआ वो किसी का भी ध्यान खींच सकता है. अपमान करने वाला और अपमान सहने वाला आमने-सामने थे. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश 8 निलंबित किए गए सांसदों से मिलने पहुंचे. उपसभापति ने इन निलंबित किए गए सांसदों से चाय पर चर्चा की.

क्या हुई बातचीत?

उपसभापति ने कहा कि मैं यहां को कोई डिप्टी चेयरमैन नहीं हूं … डिप्टी चेयरमैन सदन में हूं … मैं यहां एक दोस्त के रूप में आया हूं… यह व्यक्तिगत स्तर पर है. आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया उपसभापति जी सुबह धरना स्थल पर मिलने आये, हमने उनसे भी कहा “नियम क़ानून संविधान को ताक़ पर रखकर किसान विरोधी काला क़ानून बिना वोटिंग के पास किया गया, जबकि BJP अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये ज़िम्मेदार हैं”.

उप सभापति जी को हमने कहा “किसान विरोधी काला क़ानून वापस लो”. हम लोग यहां पर पूरी रात बैठे रहे करोड़ों किसानों को न्याय दिलाने के लिए. क्यों काला कानून इस पार्लियामेंट में पास हुआ. हम वोटिंग मांगते रहे आपने वोटिंग नहीं कराई. व्यक्तिगत, यह कोई रिश्ते निभाने का सवाल नहीं है. यहां हम बैठे हैं किसानों के लिए. किसानों के साथ धोखा हुआ और यह पूरे देश ने देखा है.

इससे पहले क्या बोले निलंबित सांसद

विरोध स्थल पर तकिए और चादर ले जाते हुए, सांसदों ने कहा “हम यहां से हिलेंगे नहीं.” सीपीआई (एम) के सांसद एलाराम करीम ने कहा, “निलंबन पर हम चुप नहीं बैठेंगे. हम किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होंगे. राज्यसभा के उपसभापति ने संसदीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है.”

विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, सीपीएम, शिवसेना, जेडीएस, टीएमसी, सीपीआई, और समाजवादी पार्टी के नेता संसद परिसर में “मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी”, “डेथ ऑफ पार्लियामेंट” और “शेम” शर्म की बात है,” जैसे पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

क्या था मामला?

बता दें कि रविवार को राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर चर्चा के दौरान हंगामा इतना बढ़ गया था कि विपक्ष के राज्यसभा सांसद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की कुर्सी के बगल तक आ गए.

हंगामे के दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन उपसभापति के पास जाकर संसद की रूल बुक को फाड़ दिया और माइक को छीनने की कोशिश भी की थी. वहीं AAP सांसद संजय सिंह ने माइक तोड़ दिया था.

वहीं इस मामले पर सोमवार को बीजेपी सांसदों की शिकायत के बाद सभापति ने डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, के के रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, नसीर हुसैन और एलमरन करीम को सभापति वैंकेया नायडू ने एक हफ्ते के लिए राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया.

Related Posts