Rajya Sabha Election 2020 Congress's first, Rajya Sabha Election 2020: पीढ़ीगत बदलाव का उदाहरण है कांग्रेस की पहली लिस्ट
Rajya Sabha Election 2020 Congress's first, Rajya Sabha Election 2020: पीढ़ीगत बदलाव का उदाहरण है कांग्रेस की पहली लिस्ट

Rajya Sabha Election 2020: पीढ़ीगत बदलाव का उदाहरण है कांग्रेस की पहली लिस्ट

पहले कांग्रेस (Congress) पार्टी में राज्य सभा (Rajya Sabha) में सिर्फ वरिष्ठ नेताओं को भेजा जाता था, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब युवा नेता जो कि जमीनी स्तर पर काफी ज्यादा एक्टिव हैं. उनको पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है.
Rajya Sabha Election 2020 Congress's first, Rajya Sabha Election 2020: पीढ़ीगत बदलाव का उदाहरण है कांग्रेस की पहली लिस्ट

कांग्रेस (Congress) ने गुरुवार को राज्य सभा चुनाव (Rajya Sabha Election 2020) के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी की राज्य सभा कैंडिडेट की लिस्ट बहुत कुछ कह गई है. इस लिस्ट के जरिए पार्टी के अंदर पीढ़ीगत बदलाव (Generational change) साफ तरीके से नजर आ रहा है.

पहले कांग्रेस (Congress) पार्टी में राज्य सभा में सिर्फ वरिष्ठ नेताओं को भेजा जाता था, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब युवा नेता जो कि एक्टिव पॉलिटिक्स में हैं और जमीनी स्तर पर काफी ज्यादा एक्टिव हैं. उनको पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है.

‘विचारधारा के प्रति ईमानदारी’

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो राज्य सभा कैंडिडेट के चुनाव के लिए पार्टी ने अपनी विचारधारा के प्रति ईमानदारी (Loyalty To Part’s Ideology) के आधार पर ही उम्मीदवारों को चुना है.

केसी वेणुगोपाल का बढ़ा कद

केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) जो कि पार्टी के महासचिव हैं. उनको पार्टी ने राजस्थान से राज्यसभा में भेजा है. यह दर्शाता है की वेणुगोपाल का कद पार्टी में धीरे-धीरे काफी बढ़ रहा है. दरअसल केरल के अलपुझा से तीन सांसद रहने वाले केसी वेणुगोपाल ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा और संगठन में ही काम करने को तवज्जो दी. अलपुझा केरल की एक मात्र सीट है जिस पर कांग्रेस हारी है.

मीडिया स्पॉटलाइट से दूर संगठन को फिर से मजबूत करने में इन्वॉल्व केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के विश्वासपात्र हैं. संगठन को जमीनी स्तर से दोबारा स्थापित करने की प्रक्रिया, संगठन के नियमित काम के साथ हाल में रामलीला मैदान में हुई रैली और राजघाट पर हुए सत्याग्रह प्रोटेस्ट का आयोजन तक वेणुगोपाल ने ही किया था. वेणुगोपाल ना सिर्फ ऑर्गेनाइजेशन का पूरा काम संभाल रहे हैं, बल्कि केरल में भी काफी सक्रिय हैं.

इसके अलावा राजीव पाठक (Rajeev Pathak), नीरज डांगी (Neeraj Dangi), दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda), शक्ति सिंह गोहिल (Shakti Singh Gohil) सब राज्यों में कांग्रेस की इकाइयों में जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं.

गुजरात और महारष्ट्र में एक्टिव हैं राजीव सातव

महाराष्ट्र से कांग्रेस पार्टी ने राजीव सातव (Rajiv Satav) को राज्यसभा में भेजा है. सातव ने गुजरात (Gujarat) मे कांग्रेस को ज्यादा सीट जितवाने में अहम भूमिका निभाई. गुजरात कांग्रेस (Gujarat Congress) के इंचार्ज और वर्तमान में सांसद सातव ने भी 2019 लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2019) नही लड़ा बल्कि संगठन के काम में जुट गए.0 राहुल गांधी के करीबी राजीव सातव (Rajiv Satav) गुजरात के साथ-साथ जमीनी स्तर पर महाराष्ट्र में भी काफी सक्रिय हैं.

हरियाणा के परफॉर्मेंस पर मिला दीपेंद्र हुड्डा को टिकट

हरियाणा (Haryana) में आई कांग्रेस की सीटों का श्रेय काफी हद तक दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) को जाता है. दीपेंद्र हुड्डा जमीनी तौर पर काफी सक्रिय हैं और हरियाणा में पार्टी की अच्छी परफॉर्मेंस और दीपेंद्र के काम की सराहना के तौर पर पार्टी की लीडरशिप ने उन्हें राज्यसभा में भेजा है. दीपेंद्र लोकसभा में काफी जोर-शोर से मुद्दों को उठाते आए हैं और अब राज्यसभा में भी जल्द नजर आएंगे. सूत्रों की मानें तो हरियाणा (Haryana) में दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) ने जो जमीनी स्तर पर काम किया और पार्टी को 31 सीट दिलाई उसी ने उनको राज्यसभा की सीट भी दिलाई.

जब पार्टी के एक वरिष्ठ नेता से पूछा गया कि क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hooda) के दबाव के चलते उन्हें राज्य सभा सीट मिली तो उन्होंने कहा “दीपेंद्र ने यह सीट खुद पाई है. दीपेंद्र ग्रास रूट लेवल पर जाकर काम करता हैं और उसका नतीजा है हरियाणा में कांग्रेस पार्टी की 31 सीटें आना. इसी को मद्देनजर रखते हुए पार्टी आलाकमान ने उनके काम को एक्नॉलेज किया और उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला लिया.”

फूलो देवी नेताम ने नहीं छोड़ी पार्टी की विचारधारा

35 साल की फूलो देवी नेताम (Phoolo Devi Netam) जो कांग्रेस की छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) की महिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं को भी पार्टी ने टिकट दिया है. कांग्रेस सूत्र कहते हैं, “फूलो देवी एक मजबूत ट्राइबल नेता हैं. 2013 के नक्सल हमले में जहां कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के काफी वरिष्ठ नेताओं की हत्या हो गई थी. उस हमले में फूलो देवी को भी गोलियां लगीं, लेकिन उन्होंने आदिवासी और कांग्रेस की विचारधारा के लिए लड़ना नही छोड़ा.

हाल ही में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने कर्नाटक कांग्रेस (Karnatak Congress) की कमान डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) को दी है और दिल्ली कांग्रेस (Delhi Congress) की कमान अनिल चौधरी (Anil Chaudhary) को सौंपी है.

प्रियंका का ध्यान उत्तर प्रदेश पर

राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election 2020) में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच एक भावना थी कि प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) राज्यसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करें, लेकिन वह खुद आगे आईं और इसे अस्वीकार कर दिया. क्योंकि वह उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं.

इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने गुजरात (Gujarat) से राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) को राज्यसभा नामांकन की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि वे संगठन में काम करना चाहते हैं और उस सीट पर किसी अन्य कांग्रेस नेता को नामित करें.

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