नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में भी हुआ पास

राज्‍यसभा में NDA के पास बहुमत नहीं है. उसे उन्‍हीं दलों से समर्थन की उम्‍मीद है जिन्‍होंने लोकसभा में बिल के पक्ष में वोट किया था.

लोकसभा में सोमवार आधी रात को पास होने बुधवार को नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में भी पास हो गया है. बुधवार को दिनभर बिल पर चर्चा हुई जिसके बाद रात पौने 9 बजे इसपर वोटिंग हुई जिसमें ये बिल पास हो गया. पढ़ें दिन भर राज्यसभा में क्या हुआ.

Citizenship Amendment Bill 2019 in Rajya Sabha Updates

  • नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में हुआ पास
  • नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान शिवसेना ने सदन से वॉकआउट कर लिया है.
  • राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाए या नहीं इस पर वोटिंग हुई. जिसमें तय हुआ कि बिल सेलेक्ट कमेटी में नहीं भेजा जाएगा. 124 लोगों ने बिल को सेलेक्ट कमेटी में न भेजे जाने के लिए वोट किया. जबकि 99 सदस्यों ने सेलेक्ट कमेटी में भेजे जाने के लिए वोट किया. सदन में कुल 213 सदस्य मौजूद हैं.

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में दिया जवाब

  • अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है. कांग्रेस के बयान और पाकिस्तानी नेताओं के बयान एक जैसे हैं.

  • पीडीपी सांसद के आरोपों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि न ये बिल मुस्लिम विरोधी है, न ही आर्टिकल 370 हटाया जाना मुस्लिम विरोधी है और न ही ट्रिपल तलाक. ट्रिपल तलाक बिल ने इस देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिया है.
  • कपिल सिब्बल के आरोपों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि मुझे आईडिया ऑफ इंडिया न समझाएं, मुझे पता है. इसी के साथ अमित शाह ने कहा कि भारत मुस्लिम मुक्त कभी नहीं होगा. गृह मंत्री शाह ने कहा, “कपिल सिब्बल जी ने कहा कि मुसलमान आपसे नहीं डरते हैं. उन्हें भी नहीं डरना चाहिए और आप डरिए भी मत. भारत के मुसलमानों की नागरिकता कोई छीन नहीं रहा है. ये नागरिकता देने का बिल है. नागरिकता लेने का नहीं.”

  • अमित शाह ने अपनी सहयोगी रही शिवसेना से सवाल किया कि वह बताएं कि आखिर उन्होंने अपना रंग क्यों बदला. अमित शाह ने कहा कि शिवसेना ने कल विधेयक का समर्थन किया था. उन्हें महाराष्ट्र के लोगों को बताना चाहिए कि एक रात के अंतराल में क्या हुआ कि उन्होंने आज अपना रुख बदल दिया.
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रोहिंग्याओं को इस बिल में जगह इसलिए नहीं दी है क्योंकि वह सीधे हमारे देश में नहीं आते हैं. पहले वह बांग्लादेश में जाते हैं फिर घुसपैठ कर भारत में आते हैं.

  • डॉ मनमोहन सिंह ने भी पहले इसी सदन में कहा था कि वहां के अल्पसंख्यकों को बांग्लादेश जैसे देशों में उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. अलग उनको हालात मजबूर करते हैं तो हमारा नैतिक दायित्व है कि उन अभागे लोगों को नागरिकता दी जाए: अमित शाह
  • धर्म के आधार पर देश के विभाजन की बात का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘पूरा देश जानता है कि विभाजन के पीछे का कारण जिन्ना था और यह उसकी मांग के कारण किया गया था, लेकिन मैं यह पूछ रहा हूं कि कांग्रेस इसके लिए राजी क्यों हुई? यह धर्म के आधार पर क्यों किया गया?’
  • गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में लिया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम, जिसके बाद सदन में टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्री शाह के बयान का विरोध किया. 
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘दो साथी संसद को डरा रहे हैं कि संसद के दायरे में सुप्रीम कोर्ट आ जाएगी. कोर्ट ओपन है. कोई भी व्यक्ति कोर्ट में जा सकता है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारा काम अपने विवेक से कानून बनाना है, जो हमने किया है और ये कानून कोर्ट में भी सही पाया जाएगा.’
  • विपक्ष के आर्टिकल 14 को लेकर दिए तर्क पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘आर्टिकल 14 में जो समानता का अधिकार है वो ऐसे कानून बनाने से नहीं रोकता जो reasonable classification के आधार पर है. यहां reasonable classification आज है. हम एक धर्म को ही नहीं ले रहे हैं, हम तीनों देशों के सभी अल्पसंख्यकों को ले रहे हैं और उन्हें ले रहे हैं जो धर्म के आधार पर प्रताड़ित है.’
  • क्या बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस्लाम के अनुयायियों को अल्पसंख्यक कहा जा सकता है? नहीं, जब राज्य का धर्म इस्लाम है, तो मुसलमानों के उत्पीड़न की संभावना कम है: अमित शाह
  • अमित शाह ने कहा कि 6 धर्मों के लोगों को इसमें शामिल किया गया है इसकी प्रशंसा नहीं हो रही है. लेकिन ध्यान सिर्फ इस बात पर है कि मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है.
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘ऐसा पहली बार नहीं है कि नागरिकता के अंदर संशोधन किया जा रहा हो, ऐसा कई बार हो चुका है. अमित शाह ने कहा कि जब श्रीलंका के लोगों को नागरिकता दी तो उस समय हमने नहीं पूछा कि बांग्लादेशी को क्यों नहीं दी? जब युगांडा से आए लोगों को नागरिकता दी गई तब हमने नहीं पूछा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के लोगों को क्यों नहीं दी.’
  • अमित शाह ने कहा, ‘नेहरू-लियाकत समझौते के तहत दोनों पक्षों ने स्वीकृति दी कि अल्पसंख्यक समाज के लोगों को बहुसंख्यकों की तरह समानता दी जाएगी, उनके व्यवसाय, अभिव्यक्ति और पूजा करने की आजादी भी सुनिश्चित की जाएगी, ये वादा अल्पसंख्यकों के साथ किया गया, लेकिन वहां लोगों को चुनाव लड़ने से भी रोका गया, उनकी संख्या लगातार कम होती रही. जबकि यहां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, चीफ जस्टिस जैसे कई उच्च पदों पर अल्पसंख्यक रहे. यहां अल्पसंख्यकों का संरक्षण हुआ.’
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “ये बिल कभी न लाना पड़ता, ये कभी संसद में न आता, अगर भारत का बंटवारा न हुआ होता. बंटवारे के बाद जो परिस्थितियां आईं, उनके समाधान के लिए मैं ये बिल आज लाया हूं. पिछली सरकारें समाधान लाईं होती तो भी ये बिल न लाना होता.”

महात्मा गांधी और भगत सिंह के सपनों के खिलाफ बिल: संजय सिंह

  • जनता दल (सेक्युलर) के सांसद ने कहा कि यह विधेयक इस देश में हमारी धर्मनिरपेक्षता नीति को कमजोर करेगा. मैं इस विधेयक का कड़ा विरोध करता हूं. मेरा सुझाव है कि विधेयक को जांच के लिए संसद की एक स्क्रूटनी कमेटी को भेजा जाए.
  • YSR कांग्रेस ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया है. सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने कहा कि उनकी पार्टी बिल का सपोर्ट करती है.
  • आम आदमी पार्टी ने भी राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया है. आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा, “मैं इस बिल का विरोध करता हूं, क्योंकि यह बिल उस संविधान के खिलाफ है जो बाबा साहेब अंबेडकर न बनाया था. यह संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ है. यह महात्मा गांधी और भगत सिंह के सपनों के खिलाफ है.”
  • NPF के सांसद ने कहा, “मैं इस बिल का समर्थन करता हूं. नॉर्थ-ईस्ट में लोगों के पास कोई धार्मिक पूर्वाग्रह नहीं है और वे सांप्रदायिक नहीं हैं. यह धर्म, अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक समुदायों के बारे में नहीं है. यह गैर-कानूनी प्रवासी हैं जो हमारे क्षेत्र में आ गए हैं और हमारी आबादी को धमका रहे हैं.”
  • राज्यसभा में MDMK सांसद वाइको ने नागरिकता पर संशोधन बिल पर कहा, “यदि यह अप्रिय, घृणित, अलोकतांत्रिक, अनुचित, असंवैधानिक विधेयक इस राज्य परिषद में आज पारित हो जाता है, तो यह इस उच्च सदन के इतिहास में एक काला अध्याय बन जाएगा.”

इतिहास की कौन सी किताबें पढ़ रहे हैं गृह मंत्री: सिब्बल

  • नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी पर गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने राज्यसभा में कहा, “मुझे नहीं पता कि इतिहास की कौन सी किताबें गृह मंत्री ने पढ़ी हैं. टू-नेशन थ्योरी हमारी नहीं है. ये सावरकर ने बनाई थी.” मालूम हो कि नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था उन्हें यह बिल पेश करने की जरूरत नहीं होती अगर कांग्रेस पार्टी धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं करती.
  • सिब्बल ने गृह मंत्री से उस आरोप को वापस लेने का अनुरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एक राष्ट्र में विश्वास रखती है. बिल पर चर्चा के दौरान सिब्बल ने कहा कि जिनको भारत के बारे में कोई आईडिया नहीं है उन्हें भारत के विचार के बारे में भी नहीं पता होगा.

विपक्षी दलों ने बिल को लेकर सरकार पर किया हमला

  • जम्मू और कश्मीर पीडीपी के राज्यसभा सदस्य मीर एम फैयाज ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा,”मैं इस विधेयक का विरोध करने के लिए खड़ा हुआ हूं. जब से यह सरकार सत्ता में आई है, तब से इसने मुसलमानों को लक्षित करते हुए ट्रिपल तालाक और आर्टिकल 370 जैसे बिल पेश किए हैं. ये सरकर जब से बनी है ये मुसलमान के पीछे पड़ी है.”

  • बिहार से राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद मनोज कुमार झा तीन बिंदुओं पर बिल का विरोध कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि कोई राज्‍य सिर्फ किसी एक धर्म को प्रताड़‍ित नहीं करता. झा ने जर्मनी का उदाहरण दिया जहां यहूदियों के साथ खड़े होने वाले जर्मन नागरिकों को भी नाजियों ने निशाना बनाया था. बिल में नास्तिकों के लिए कोई व्‍यवस्‍था ना होने का मुद्दा भी उन्‍होंने उठाया.
  • बहुजन समाज पार्टी से उत्‍तर प्रदेश के सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि “यह संशोधन संवैधानिक नहीं है. आप इसको रिव्‍यू करें अन्‍यथा इस देश का संवैधानिक ढांचा टूट जाएगा.
  • संजय राउत ने कहा, “”देशभक्ति का प्रमाण पत्र हमें किसी से लेने की जरूरत नहीं है. हम कितने कठोर हिंदू हैं, इसका सर्टिफिकेट नहीं है. जिस स्‍कूल में आप पढ़ते हो, हम उसके हेडमास्‍टर हैं. और हमारे स्‍कूल के हेडमास्‍टर बाला साहेब ठाकरे थे. अटल जी भी थे, श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी भी थे.
  • शिवसेना सांसद संजय राउत कह रहे हैं, “ऐसी बातें कहीं जा रही हैं कि जो बिल का समर्थन करेंगे, वह देशभक्‍त हैं. मैंने यह भी सुना कि किसी ने कहा कि जो बिल का समर्थन नहीं करेंगे, वह पाकिस्‍तान की भाषा बोल रहे हैं. ये पाकिस्‍तान असेंबली तो नहीं है. हम इस देश के नागरिक हैं. देश की जनता ने सबको वोट किया है. अगर पाकिस्‍तान की भाषा हमको पसंद नहीं है तो हमारी इतनी मजबूत सरकार है, पाकिस्‍तान को खत्‍म करो.
  • AIADMK सांसद विजिला सत्‍यानंत ने सरकार से श्रीलंकाई तमिलों के लिए दोहरी नागरिकता की मांग की.
  • सरकार की तरफ से राजस्‍थान से बीजेपी सांसद केजे अल्‍फोंस बिल के पक्ष में तर्क दे रहे हैं.
  • महाराष्‍ट्र से कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम इस बिल का विरोध करने खड़े हुए हैं. वे कह रहे हैं कि “संसद से कुछ असंवैधानिक करवाया जा रहा है. फिर वकील और जज इसकी जांच करेंगे कि यह फैसला संवैधानिक है या नहीं.” उन्‍होंने कहा कि यह कानून अदालत में नहीं टिकेगा.
  • असम से बोडोलैंड पीपुल्‍स फ्रंट के सांसद बिश्‍वजीत दैमारी बिल के विरोध में बोल रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि बिल को लेकर नॉर्थ ईस्‍ट के लोगों में बहुत शंका है. गृह मंत्री वहां के लोगों को विश्‍वास दिलाएं कि उनके खिलाफ यह बिल नहीं है. असम गण परिषद के सांसद बीरेन्‍द्र प्रसाद बैश्‍व ने बिल के समर्थन में बात रखी.

विपक्षी दल रख रहे बात

  • राज्‍यसभा के नामित सांसद स्‍वपन दास गुप्‍ता बिल के पक्ष में खड़े हुए हैं. वह जिनेवा कंवेंशन का जिक्र करते हुए समझा रहे हैं ‘रिफ्यूजी’ कौन होता है. उन्‍होंने कहा कि इस बिल में अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों का पालन किया गया है.
  • तमिलनाडु से CPI (M) सांसद टीके रंगराजन ने बिल का विरोध किया. इसके बाद यहीं से DMK सांसद तिरुची शिवा ने भी नागरिकता (संशोधन) बिल के विरोध में बात रखी.
  • आंध्र प्रदेश से आने वाले तेलंगाना राष्‍ट्र समिति (TRS) सांसद डॉ. के. केशव राव इस संशोधन बिल के खिलाफ खड़े हुए हैं.
  • जनता दल (यूनाइटेड) ने राज्‍यसभा में भी नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन किया. पार्टी सांसद राम चन्‍द्र प्रसाद सिंह ने बिल के पक्ष में भाषण दिया. उन्‍होंने कहा कि “देश में अगर किसी के साथ धर्म के नाम पर अन्‍याय होगा तो हम लोग पीछे नहीं रहने वाले. इस बिल में ऐसा कुछ नहीं है जिससे कोई डरे.
  • समाजवादी पार्टी की ओर से जावेद अली खान बिल के व‍िरोध में खड़े हुए हैं. उन्‍होंने कहा, “सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल और NRC के जरिए हमारी सरकार जिन्‍ना के सपने को पूरा करने की कोशिश कर रही है. याद रहे, 1949 में सरदार पटेल ने कहा था कि ‘हम भारत में सच्‍चे सेक्‍युलर लोकतंत्र की नींव रख रहे हैं.‘”
  • NDA की सदस्‍य शिरोमणि अकाली दल (SAD) नेता सुखबीर बादल ने कहा कि हमारी पार्टी नागरिक संशोधन बिल के पक्ष मे हैं. लेकिन हमने केंद्र सरकार से अपील की है कि मुस्लिम को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए. किसी के साथ कोई भेद भाव नही होना चाहिए.
  • AIADMK के एसआर बालासुब्रमण्‍यम बिल पर अपना वक्‍तव्‍य रख रहे हैं. उनकी पार्टी ने लोकसभा में बिल का समर्थन किया था.
  • डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, “यह बिल बंगाल के लोगों के खिलाफ है, एंटी इंडिया है. इस बिल के खिलाफ लोग आंदोलन करेंगे. हमें राष्‍ट्रवाद मत सिखाइए, हमें नागरिकता का पाठ मत पढ़ाइए. यह सरकार तीन J पर चलती है. झूठ, झांसा और जुमला.” TMC सांसद ने कहा कि “हम लोकतंत्र से तानाशाही की तरफ बढ़ रहे हैं.
  • अब ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तरफ से डेरेक ओ’ब्रायन अपनी बात रख रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि वह पहले बंगाली में बिल का विरोध करेंगे, इसके लिए अंग्रेजी में वही बात दोहराएंगे. उन्‍होंने कहा कि अगर ‘यह बिल पास हुआ तो देश में संग्राम होगा.

BJP के जेपी नड्डा ने क्‍या कहा?

  • नरसंहार के समय उस समय के प्रधानमंत्री ये चाहते थे कि दोनों देशों में अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मिले, ये उनकी इच्छा थी. लेकिन इच्छा होना और सच्चाई में धरातल पर उतरने में जमीन-आसमान का अंतर होता है. इस विभाजन की जब बात करते हैं तो हम कह सकते हैं कि उस समय भारत में अल्पसंख्यक मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बुद्ध, पारसी थे. पाकिस्तान में उस समय हिंदू, सिख, जैन, बुद्ध, ईसाई, पारसी अल्पसंख्यक थे. : जेपी नड्डा, बीजेपी
  • देश के विभाजन के बाद रातों-रात लोगों को अपने घर-संपत्ति छोड़कर इधर से उधर आना-जाना पड़ा. उस समय नेहरू-लियाकत पैक्ट हुआ था, जिसमें इसकी चिंता थी कि दोनों जगह पर अल्पसंख्यकों को संरक्षण मिले, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. धर्म के आधार पर विभाजन तो हुआ लेकिन पैक्ट सिर्फ कागजों में रह गया, सच्चाई में नहीं रह पाया. : जेपी नड्डा, बीजेपी
  • आज जिस बिल की हम बात कर रहे हैं उसका आधार सिर्फ एक है कि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में जिन अल्पसंख्यकों की धार्मिक आधार पर प्रताड़ना हुई है और जिन्होंने भारत में शरण ली है, उन्हें नागरिकता दी जाएगी. ये समस्या आज की नहीं है. ये समस्‍या उसी समय शुरू हो गई थी जब आजादी के साथ देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ. इतिहास गवाह है, दुनिया में इतना बड़ा नरसंहार, इतनी बड़ी संख्‍या में लोगों का पलायन पहले कभी नहीं हुआ था. : जेपी नड्डा, बीजेपी
  • देश के अंदर जो लोग लंबे समय से अन्याय के वातावरण में जी रहे थे, उनको सम्मान के साथ जीने का एक रास्ता देने का प्रयास नागरिकता संशोधन बिल के द्वारा किया गया है. : जेपी नड्डा, बीजेपी
  • बीजेपी की ओर से अब जेपी नड्डा बिल के पक्ष में बोलने खड़े हुए हैं. उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ‘साहस’ के लिए बधाई दी. नड्डा ने गृहमंत्री अमित शाह को इस बिल का ‘सूत्रधार’ बताया.
  • सभापति वेंकैया नायडू सांसदों से कह रहे हैं कि जब चेयरमैन बोलें, तब वे थोड़ा संयम रखें.

आनंद शर्मा ने क्‍या कहा?

  • नागरिकता एक्‍ट में पहले भी कई बार संशोधन किया गया ताकि शरणार्थियों को नागरिकता दी जा सके. लेकिन इनमें से कोई भी संशोधन धर्म के आधार पर नहीं किया गया. ऐसा पहली बार है जब धर्म के आधार पर वर्गीकरण किया गया है. : आनंद शर्मा, कांग्रेस
  • दो राष्‍ट्र का सिद्धांत कांग्रेस नहीं लाई. इसे पहली बार 1935 में सावरकर के नेतृत्‍व में हिंदू महासभा ने सामने रखा था. : आनंद शर्मा, कांग्रेस

  • राज्‍यसभा के चेयरमैन ने बीमारी की वजह से चार सदस्‍यों को अनुपस्थित रहने की इजाजत दी है. यानी सदन में कुल 236 सांसद मौजूद हैं. बिल पारित कराने को अब 119 सदस्‍यों का समर्थन चाहिए होगा.
  • कांग्रेस की तरफ से वरिष्‍ठ नेता आनंद शर्मा बोल रहे हैं. उन्‍होंने नागरिकता कानून में हुए पिछले बदलावों का जिक्र करते हुए इस संशोधन का विरोध किया. उन्‍होंने कहा, “हम इस बिल का विरोध करते हैं और कारण ये बिल असंवैधानिक है, अनैतिक है. ये अटैक है डेमोक्रेसी पर. उसकी आत्मा पर हमला है.

राज्‍यसभा में CAB पर क्‍या बोले गृहमंत्री

  • वैसे प्रवासी जो बिना वैध दस्तावेज या फिर जिनके दस्तावेज की समयसीमा खत्म हो गई, भारत आए हैं. ऐसे 3 देशों से आने वाले हिंदू, सिख, बैद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को अब अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा. : गृहमंत्री अमित शाह
  • कुछ लोगों द्वारा भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये बिल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है. जो इस देश के मुसलमान हैं उनके लिए इस बिल में कोई चर्चा या चिंता का उल्लेख नहीं हैं. फिर ये किसकी चिंता कर रहे हैं? : गृहमंत्री अमित शाह

  • इस बिल में हम तीनों पडोसी देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को संरक्षण देकर उनको नागरिक बनाने की प्रक्रिया का संशोधन लेकर आये हैं. साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए भी हम प्रावधान लेकर आये हैं. : गृहमंत्री अमित शाह
  • पाकिस्तान और उस समय के पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में लगभग 20- 20% अल्पसंख्यकों की आबादी कम हो चुकी है. आखिर कहां गए वो लोग? या तो वो मार दिए गए या धर्म परिवर्तन हो गया या वो लोग शरणार्थी बनकर अपने धर्म और सम्मान को बचाने के लिए भारत आ गए. जो लोग कह रहे हैं कि हम वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, मैं उन सब साथियों को कहना चाहता हूं कि हमने चुनाव के पहले ही ये इरादा देश के सामने रखा था, जिसे देश की जनता ने समर्थन दिया है. : गृहमंत्री अमित शाह
  • विभाजन के बाद हमारी कल्पना थी कि जो नागरिक यहां अल्पसंख्यक रहते हैं और जो पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक हैं वो सम्मान के साथ जीवन जी पाएंगे. अपने धर्म का सम्मान के साथ पालन कर पाएंगे, अपने परिवार का सम्मान से रक्षण कर पाएंगे. लेकिन दशकों बाद इसकी तरफ हम देखते हैं तो कटु सच्चाई ये सामने आई है कि बांग्लादेश, पाकिस्तान या अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों को सम्मान का जीवन नहीं मिला. वहां अल्पसंख्यकों की घोर प्रताड़ना हुई. : गृहमंत्री अमित शाह
  • आज मैं एक ऐतिहासिक बिल लेकर सदन में उपस्थित हुआ हूं. इस बिल के प्रावधान में, लाखों करोड़ों लोग जो नर्क की यातना का जीवन जी रहे हैं, उन्हें नई आशा दिखाने का ये बिल है. : गृहमंत्री अमित शाह

कुछ देर में पेश हो जाएगा CAB

  • राज्‍यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 पेश हो गया है. गृहमंत्री अमित शाह अभी बिल और उसके महत्‍व के बारे में उच्‍च सदन को समझा रहे हैं.
  • गृहमंत्री अमित शाह संसद पहुंचे. वह दोपहर 12 बजे राज्‍यसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 पेश करेंगे.

Rajya Sabha TV Live Streaming, नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में भी हुआ पास

  • शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “क्‍या संसद में और बाहर, क्‍या हम अपने मत नहीं व्‍यक्ति कर सकते? जो लोग नॉर्थ ईस्‍ट में इस बिल के खिलाफ उतरे हैं, वो भी देश के नागरिक हैं. हमें सही जवाब और क्‍लैरिटी चाहिए, शंका दूर होनी चाहिए.” लोकसभा में समर्थन के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि “लोकसभा की बात अलग है, राज्‍यसभा में चीजें अलग हैं.” राउत ने कहा, “अगर कोई हमको राष्‍ट्रभक्ति सिखाएगा तो हम बताएंगे.”
  • राज्यसभा में हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
  • बीजेपी की तरफ से कुल 10 स्‍पीकर्स बोलेंगे. पार्टी की ओर से कार्यकारी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा बहस की शुरुआत करेंगे.
  • बीजेपी के संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से कहा कि वे किसानों, ट्रेडर्स और बिजनेसमेन से सुझाव लें और वित्‍त मंत्री को फीडबैक दें.
  • संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी के मुताबिक, नागरिकता संशोधन बिल को दोपहर 12 बजे राज्‍यसभा में पेश किया जाएगा. उन्‍होंने दावा किया कि बिल आसानी से पारित हो जाएगा.

CAB पर BJP की मीटिंग में क्‍या बोले प्रधानमंत्री?

  • संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी के मुताबिक, BJP की संसदीय पार्टी की मीटिंग में पीएम मोदी ने कहा, “मोदी- इस बिल से लाखों लोगों के जीवन मे बदलाव आएगा.” उन्‍होंने कहा कि यह तो ऐतिहासिक बिल है, इसका विरोध क्‍यों हो रहा है. प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि “कुछ दल पाकिस्तान की भाषा बोल रहे है. जनता तक इस बिल के बारे में अपनी बात पहुंचाइए.”
  • सपा अध्‍यक्ष और पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है, “भाजपा के CAB जैसे क़दम ऐतिहासिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक भूल साबित होंगे.”
  • नागरिकता संशोधन बिल का मुद्दा लोकसभा में भी गूंज सकता है. वहां कांग्रेस के चीफ व्हिप कोडिकुन्‍नील सुरेश ने ‘बिल पर देश में अराजकता और विरोध’ पर लोकसभा में स्‍थगन प्रस्‍ताव दिया है.
  • कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया है, “CAB के जरिए मोदी-शाह सरकार की कोशिश है नॉर्थ ईस्‍ट को एथनिक क्‍लींज किया जाए. यह नॉर्थ ईस्‍ट, उनकी जिंदगी और भारत के विचार पर क्रिमिनल अटैक है. मैं नॉर्थ ईस्‍ट के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा हूं.”

  • बीजेपी सांसद अनिल बलूनी आज राज्‍यसभा में नहीं होंगे. उनके अलावा अमर सिंह भी कार्यवाही में हिस्‍सा नहीं लेंगे. दोनों की तबीयत ठीक नहीं है.
  • संसद भवन की लाइब्रेरी में भारतीय जनता पार्टी के संसदीय दल की बैठक शुरू हो गई है. इसमें राज्‍यसभा में होने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित कराने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. मीटिंग के लिए जाते समय, पीएम मोदी ने संसदीय कार्य मंत्री मुरलीधरन के हाथ में लगी चोट के लिए एक व्यायाम की सलाह दी.
  • शिवसेना के राज्‍यसभा सांसद संजय राउत ने ट्वीट किया है, “समस्याएं इतनी ताकतवर नहीं होती, जितनी हम इन्हें मान लेते हैं. कभी सुना है कि अंधेरों ने सुबह होने ही नहीं दी.”

विपक्ष की तरफ से बोलेंगे ये नेता

  • नागरिकता संशोधन बिल पर राज्‍यसभा में बहस के दौरान कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्‍बल बोलेंगे. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने डेरेक ओ’ब्रायन को पक्ष रखने के लिए चुना है. समाजवादी पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव बिल के विरोध में बात रखेंगे.
  • जदयू के दो बड़े नेताओं ने CAB पर पार्टी लाइन से अलग राह पकड़ ली है. जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन कुमार वर्मा ने भी इस बिल का विरोध किया है. पवन कुमार वर्मा ने नीतीश कुमार से इस बिल के समर्थन पर पुनर्विचार करने की अपील की है. इसके पहले प्रशांत किशोर ने कहा था कि जदयू द्वारा इस बिल का समर्थन करना निराशाजनक है. हालांकि जदयू ने यह स्पष्ट किया है कि लोकसभा की तरह पार्टी राज्यसभा में भी इस बिल का समर्थन करेगी.

शिवसेना का स्‍टैंड साफ नहीं 

  • शिवसेना के मनोहर जोशी ने कहा है कि ‘सही समय आने पर बीजेपी-शिवसेना फिर साथ आ जाएंगे.’ इस बयान पर पार्टी की ही नीलम गोरे का कहना है कि ये जोशी का निजी बयान है, शिवसेना का ऑफिशियल स्‍टैंड नहीं है.
  • शिवसेना प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि यह भाजपा का भ्रम है कि जो CAB से असहमत हैं, वे ‘देशद्रोही’ हैं. उद्धव ठाकरे ने कहा, “कोई भी जो इससे असहमत है, वह देशद्रोही है, यह उनका भ्रम है. हमने नागरिकता संशोधन विधेयक में बदलाव के लिए सुझाव दिया है. यह एक भ्रम है कि सिर्फ भाजपा देश की परवाह करती है.” महाराष्ट्र CM ने कहा, “वे हमारे नागरिक हैं, इसलिए उनके सवाल का जवाब दिया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, “हम चीजों के स्पष्ट होने तक विधेयक (नागरिकता संशोधन विधेयक) को समर्थन नहीं देंगे.”
  • लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना अब पलट गई है. शिवसेना के संजय राउत ने CAB का संसद में समर्थन करने की बात कही थी. महज 24 घंटे बाद ही सीएम और पार्टी चीफ प्रमुख उद्धव ठाकरे ने यू-टर्न ले लिया.

क्‍या हैं समीकरण?

राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं. कुछ खाली सीटों के साथ सदन की ताकत 238 है. बिल पास होने के लिए 120 वोट चाहिए. राज्‍यसभा में बीजेपी के 83 सांसद हैं. उसके NDA के कुल 94 सांसद हैं. NDA में जनता दल (यूनाइटेड) के 6 सांसद, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के तीन और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) व भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (RPI) के एक-एक सांसद भी हैं.

राज्यसभा में 12 मनोनीत सांसद हैं. BJP को उम्‍मीद है कि 11 का साथ उसे मिल जाएगा. इस तरह NDA के सदस्यों की गिनती 105 तक पहुंच जाएगी. पार्टी को अभी भी 15 सांसद चाहिए होंगे. BJP को उम्मीद है कि उसे AIADMK के 11 सांसदों का समर्थन मिलेगा. इससे उसके पास 116 सांसदों का समर्थन हो जाएगा. इसके बाद चार और सांसदों का समर्थन ही चाहिए होगा.

ये भी पढ़ें

नागरिकता कानून पर AASU की 1980 दोहराने की धमकी, तब माहौल ठीक करने उतरे थे राजीव गांधी

नागरिकता संशोधन बिल हुआ मंजूर तो धर्म बदलकर बन जाऊंगा मुसलमान: हर्ष मंदर