मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी ने ज्वॉइन की जदयू, कहा- ‘सामाजिक न्याय के साथ विकास’ पसंद

रमेश उपाध्याय (Ramesh Upadhyay) ने कहा, "यूपी में जदयू के नेताओं ने मुझसे संपर्क किया था. नेताओं के साथ बातचीत के बाद मैंने पार्टी के लिए काम करने का फैसला लिया. फिलहाल चुनाव लड़ने को लेकर मेरी तैयारी नहीं है. मैं अभी पुणे में रह रहा हूं लेकिन पार्टी के काम के लिए यूपी का दौरा करूंगा."

2008 मालेगांव बम विस्फोट मामले (Malegaon Bomb Blast Case) में आरोपी रमेश उपाध्याय (Ramesh Upadhyay) ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ज्वॉइन कर ली है. उपाध्याय को पार्टी ने यूपी में पूर्व सैनिकों के प्रकोष्ठ का राज्य संयोजक नियुक्त किया है. यूपी जदयू अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल ने 12 अक्टूबर को उनका नियुक्ति पत्र जारी किया था.

उपाध्याय रिटायर्ड आर्मी मेजर हैं. 2008 के मालेगांव मामले में कथित भूमिका के लिए महाराष्ट्र एटीएस ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित के साथ उपाध्याय को गिरफ्तार किया था. उपाध्याय साल 2017 में बेल पर रिहा हुए. मुंबई में एक स्पेशल एनआईए कोर्ट में उनका ट्रायल जारी है.

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‘फिलहाल चुनाव लड़ने को लेकर मेरी तैयारी नहीं’

उपाध्याय ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “यूपी में जदयू के नेताओं ने मुझसे संपर्क किया था. नेताओं के साथ बातचीत के बाद मैंने पार्टी के लिए काम करने का फैसला लिया. फिलहाल चुनाव लड़ने को लेकर मेरी तैयारी नहीं है. मैं अभी पुणे में रह रहा हूं लेकिन पार्टी के काम के लिए यूपी का दौरा करूंगा.”

‘मालेगांव धमाके में मुझे गलत तरीके से फंसाया गया’

उपाध्याय ने कहा कि उन्हें जदयू के नेतृत्व और ‘सामाजिक न्याय के साथ विकास’ के विचार पर भरोसा है. अपने ऊपर लगे आतंकी आरोपों को लेकर उन्होंने कहा, “मैं निर्दोष हूं. मैं एक राष्ट्रवादी हूं, एक देशभक्त हूं और धर्मनिरपेक्ष इंसान हूं. मालेगांव बम धमाके में मुझे गलत तरीके से फंसाया गया है. मैं अपनी रिहाई के लिए पत्र लिखूंगा. मैं समाज के लिए काम करने की इच्छा रखता हूं. जदयू ईमानदारी से गरीबों और दलितों के विकास के लिए काम कर रहा है.”

‘अदालत ने नहीं ठहराया दोषी’

यूपी में जेडीयू के महासचिव हरि शंकर पटेल ने कहा, “मेजर उपाध्याय पूर्व में दो बार यूपी से चुनाव लड़ चुके हैं. बलिया से हमारे जिला प्रमुख उपाध्याय को जानते थे और उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए कहा था. हम अदालतों और कानून का सम्मान करते हैं. उपाध्याय को अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है.”

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