आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में मिलीं 18वीं सदी में चोरी हुई किताबें, गिनती अभी जारी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापकों में से एक हैं. इस वक्त यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर हैं, और तलाशी अभियान चला रहे हैं.

लखनऊ: रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पुलिस ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा मारा है. इस दौरान पुलिस को करीब 300 किताबें अभी तक मिल चुकी हैं. पुलिस का कहना है ये किताबें चोरी की गई थीं. इन किताबों को करीब 100 से 150 साल पुराना बताया जा रहा है.

प्रशासन ने दल बल के साथ यूनिवर्सिटी पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान पुलिस को तीन सौ किताबें बरामद हुई हैं. पुलिस ने चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया है. एनकाउंटर मैन और रामपुर पुलिस कप्तान अजय पाल शर्मा का कहना है कि 1774 में रामपुर में स्थापित मदरसा आलिया से प्राचीन पुस्तकें चोरी हुई थीं, जो जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से मिली हैं.

आजम खान हैं फाउंडर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापकों में से एक हैं. इस वक्त यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर हैं, और तलाशी अभियान चला रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक मदरसा आलिया की किताबों की गुमशुदगी को लेकर ये छापा मारा गया है. जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर बनी मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी में सीओ समेत पुलिस अधिकारी जांच कर रहे हैं. पुलिस ने यहां से 4 लोगों को हिरासत में लिया है. मौके पर पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार मौजूद हैं.

पहले भी दर्ज हैं कई मामले
इससे पहले भी जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासन ने कई मामले दर्ज किए थे और कार्रवाई के आदेश दिए थे. 25 जुलाई को रामपुर के उपजिलाधिकारी ने यूनिवर्सिटी के अंदर से गुजर रहे सार्वजनिक मार्ग से अनाधिकृत कब्जा हटाने को कहा था. इसके अलावा प्रशासन ने आजम खान को क्षतिपूर्ति के रूप में 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार देने को कहा है. आजम खान को कब्जा मुक्त होने तक 9,10,000 प्रति माह की दर से लोक निर्माण विभाग को देने का आदेश दिया गया है.

अदालत की कार्रवाई
25 जुलाई को अदालत ने जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन के पट्टे को रद्द कर दिया था. यह जमीन 2013 में 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से लीज पर ली गई थी.

सर्च अभियान जारी
जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर मुमताज़ लाइब्रेरी में पुलिस टीम सर्चिंग कर रही है. पुलिस गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई कर रही है. पुलिस ने यहां से 4 लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं पुलिस ने रामपुर के पूर्व सीओ आले हसन की के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं पर लुक आउट नोटिस (एलओसी) जारी किया गया है. आले हसन सांसद आजम खान के करीबी सहयोगी हैं.

लुकआउट नोटिस जारी
रामपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय पाल शर्मा ने कहा कि जमीन पर कब्जा करने और जबरन बसूली के 27 मामलों में वांछित हसन के खिलाफ एलओसी जारी कर दिया गया है. ये मामले आलियागंज गांव के निवासियों ने अजीमनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराए हैं.

एसपी अजय पाल शर्मा तैनात
राज्य पुलिस से रिटायर्ड के बाद हसन वर्तमान में सुरक्षा प्रभारी हैं और आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में तैनात है. एसपी अजय पाल शर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस ने आजम खान के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की अलग-अलग धाराओं के तहत अदालत में दर्ज 13 मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है.

रामपुर के एसपी ने कहा, “मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी और प्रबंधक को नोटिस भेज कर उस जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है जिसके लिए यूनिवर्सिटी और उसके कुलाधिपति ने किसानों से खरीदने का दावा किया था. किसानों ने अब उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है.” उन्होंने कहा, “हमने यूनिवर्सिटी प्रशासन से उस भुगतान के सबूत पेश करने के लिए भी कहा है, जो किसानों से यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए जमीन खरीदते समय उन्हें भुगतान करने का दावा किया है.”