औरंगजेब के भाई दारा शिकोह को याद करेगा संघ, आज खास आयोजन में होगी चर्चा

इससे पहले संघ के प्रचारक चमन लाल की याद में साल 2017 में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी दारा शिकोह पर चर्चा हुई थी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी नेता मुगल सम्राट शाहजहां के बड़े पुत्र दारा शिकोह की सभी धर्मो के सम्मान की नीतियों पर चर्चा करेंगे. नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बुधवार को एकेडमिक्स फॉर नेशन नामक संगठन की तरफ से परिचर्चा का आयोजन होना है. इस परिचर्चा में भारत की समन्वयवादी परंपरा के नायक दारा शिकोह पर परिसंवाद किया जाएगा.

इस मौके पर बतौर वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, JNU के प्रोफेसर ऐनुल हसन, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और अधिवक्ता एहतेशाम आबिदी शामिल होंगे.
Dara Shikoh, औरंगजेब के भाई दारा शिकोह को याद करेगा संघ, आज खास आयोजन में होगी चर्चा

संघ को प्रिय हैं दारा शिकोह

मुगल सम्राट शाहजहां के बड़े बेटे दारा शिकोह और उनकी नीतियों को RSS और बीजेपी का सपोर्ट मिलता रहा है. दारा शिकोह को उनकी सहिष्णुता के लिए जाना गया, जबकि उनके छोटे भाई और छठे मुग़ल सम्राट औरंगजेब की पहचान हिदुओं के साथ क्रूर व्यवहार करने वाले शासक के रूप में रही.

औरगंजेब ने राजगद्दी की चाह में बड़े भाई दारा शिकोह को मार डाला था और मुगल सम्राट बनने के बाद हिंदुओं पर जजिया कर भी लगा दिया था. दारा शिकोह ने इस्लाम और वेदांत के एकीकरण के लिए भी काम किया. दारा शिकोह ने सीर-ए-अकबर (सबसे बड़ा रहस्य) में 52 उपनिषदों का अनुवाद किया था.

गौरतलब है कि इससे पहले संघ के प्रचारक चमन लाल की याद में साल 2017 में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी दारा शिकोह पर चर्चा हुई थी, जिसमें संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, मनमोहन वैद्य, और बीजेपी नेता पीयूष गोयल मौजूद थे. तब पीयूष गोयल ने बताया था कि शिकोह का शांति संदेश, हिंदुत्व और इस्लाम के सह अस्तित्व पर निर्भर था. ‘सबका साथ-सबका विकास’ ये नारा भी दारा शिकोह की ही विचारधारा है. पीयूष गोयल ने शिकोह को सच्चा सेक्युलर कहा था.

बता दें कि 2016 में दिल्ली में औरंगजेब सड़क का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग किया गया था. इसके ठीक एक साल बाद राष्ट्रपति भवन के पास स्थित डलहौजी मार्ग का नाम बदलकर दारा शिकोह रोड किया गया.

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