पहले विकास का ‘वाड्रा मॉडल’ था, अब ‘फैमिली मॉडल’, नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर रविशंकर प्रसाद का तंज

नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर ट्रिब्यूनल के फैसले को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमला बोला.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा, ”हमें लगता था कि हमारी सरकार को लगभग साढ़े 5 साल हो गए हैं, तो एक परिवार कि दास्तान आनी अब शायद कम होगी. लेकिन अभी भी परिवार की कहानी सामने आ रही है, परिवार और व्यापार साथ चलते हैं और ऊपर उसमें राजनीति का कलेवर दे दिया जाता है.”

दरअसल, आयकर ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को राहुल गांधी की यंग इंडियन को चैरिटेबल ट्रस्ट बनाने की अर्जी को खारिज कर दिया और यह साफ कर दिया कि यंग इंडिया एक वाणिज्यिक संगठन है. ट्रिब्यूनल के मुताबिक यंग इंडियन की ओर अभी तक ऐसा कोई काम नहीं किया गया, जो चैरिटबल श्रेणी में आता हो. इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

‘संपत्ति को अपने हक़ में करने का उपकरण’

इस दौरान उन्होंने कहा, ”जवाहर लाल नेहरू ने नेशनल हेराल्ड अखबार शुरू किया था, जो 2008 में बंद हो गया था. लेकिन कांग्रेस और परिवार की उसपर बहुत कृपा रही, अनेक शहरों में उसके नाम जमीन थी. कांग्रेस पार्टी द्वारा हेराल्ड चलाने वाली कंपनी को 90 करोड़ रुपये दिए गए थे.”

उन्होंने कहा, ”अंदरखाने से तथ्यों को छुपाकर एक बड़ी संपत्ति को अपने हक़ में करने का ये एक उपकरण था. आपने 2010 में जिस समय चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए अप्लाई किया, तो उस समय आपने यह नहीं बताया की आपके पास 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति, मात्र 50 लाख में आ गई है.”

‘विकास का पारिवार मॉडल’

उन्होंने कहा, ”पहले विकास का वाड्रा मॉडल था, अब विकास का पारिवार मॉडल है. वे आपको सिर्फ 50 लाख रुपये के निवेश पर 2 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक बनना सिखाते हैं. 2 हजार करोड़ रुपये सिर्फ एक धारणा है, यह और भी अधिक हो सकता है.”

‘ये कौन सा मॉडल है भाई’

उन्होंने कहा, ”एसोसिएट जनरल को 90 करोड़ दिया गया. बाद में बनी कंपनी यंग इंडिया लिमिटेड जिसे इनकम टैक्स से एक्सेम्पट करवा लिया. 2008 में अखबार बंद हो गया. बाद में 2010 में मात्र 50 लाख में 76 प्रतिशत शेयर सोनिया गांधी,राहुल गांधी को दे दिया गया. 2000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को यूं ही दे दिया गया.

बाद में इनकम टैक्स से ने उस संस्था को चैरिटेबल संस्था नहीं माना और 100 करोड़ का टैक्स मांगा. जिसका केस चल रहा. ट्रिब्यूनल कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ यहां झूठ ही नहीं बोला गया बल्कि सच्चाई छुपाया भी गया. यहां हेराफेरी और गोलमाल कहना गलत होगा क्या? 50 लाख में 2000 करोड़ की संपत्ति का मालिक. ये कौन सा मॉडल है भाई. इसकी जांच होनी चाहिए.”

‘कोर्ट ने नकार दिया अब भी नहीं मान रहे’

उन्होंने कहा, ”बीजेपी परिवार के इस आचरण की भर्त्सना करती है. सोनिया जी और राहुल जी कृपया भृष्टाचार की बात करना अब बंद कर दें. 2016 में यंग इंडिया ने स्वयं से ही निवेदन किया कि मुझे ट्रस्ट से बाहर निकाल दिया जाए. देश मे लोकतंत्र है कोई भी व्यक्ति मांग कर सकता है चाहे वो बेशर्मी भरी मांग क्यो न हो. पहले देश की जनता ने नकारा बाद में कोर्ट ने नकार दिया अब भी नहीं मान रहे.”

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