राफेल मामले में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से पूछा, क्या पाकिस्तान पर है भरोसा?

बुधवार को राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि रफाल विमान सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी किये गये हैं और याचिकाकर्ता इन दस्तावेजों के आधार पर विमानों की खरीद के खिलाफ याचिकायें रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार चाहते हैं.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में राफेल सौदे से जुड़े दस्तावेज़ चोरी होने की बात बताने के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी सरासर झूठ बोल रहे हैं और मैं इसकी घोर निंदा करते हूं.

उन्होंने आगे कहा, ‘वह भारतीय एयर फोर्स पर भरोसा नहीं करते हैं, सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं करते और सीएजी पर भी भरोसा नहीं करते हैं. क्या वह पाकिस्तान पर भरोसा करते हैं? वह जानबूझकर या अनजाने में राफेल प्रतियोगियों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं.’

इससे थोड़ी देर राहुल गांधी ने गुरुवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार में सब गायब हो रहा है.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘एक नई लाइन निकली है- गायब हो गया, 2 करोड़ युवाओं का रोजगार गायब हो गया, किसानों का पैसा गायब हो गया, डोकलाम गायब हो गया. राफेल की जो फाइलें हैं गायब हो गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 हजार करोड़ रुपये अपने मित्र अनिल अंबानी की जेब में डाला. फाइल में यह सब था और फाइल गायब हो गई.’

उन्होंने कहा, ‘सरकार का एक ही काम है कि जो चौकीदार है उसको बचाकर रखिए. आप (सरकार) कानूनी तौर पर फाइल चोरी में जो करना चाहते हैं करिए, लेकिन न्याय सबके लिए होना चाहिए. अगर ये कागज गायब हुए हैं तो ये कागज झूठे नहीं है. कागज में साफ लिखा है कि नरेंद्र मोदी नेगोशिएशन कर रहे थे. कागजों पर कार्रवाई करें, लेकिन जिनका नाम कागज पर आ रहा है उन पर भी कार्रवाई करिए.’

गौरतलब है कि बुधवार को राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि रफाल विमान सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी किये गये हैं और याचिकाकर्ता इन दस्तावेजों के आधार पर विमानों की खरीद के खिलाफ याचिकायें रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार चाहते हैं.