फिर सस्ती होंगी EMI, RBI ने रेपो रेट में की 40 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती, किस्त पर यह छूट भी

पिछले दो महीनों में यह तीसरा मौका है, जब RBI गवर्नर कोरोनवायरस (Coronavirus) के संकट काल में आर्थिक उपायों के बारे में बताया है. इससे पहले उन्होंने 27 मार्च और फिर 17 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
RBI Governor Shaktikanta das press conference, फिर सस्ती होंगी EMI, RBI ने रेपो रेट में की 40 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती, किस्त पर यह छूट भी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि RBI ने रेपो रेट कम करने का फैसला किया है. साथ ही लोन की किस्‍त देने पर 3 महीने की अतिरिक्‍त छूट भी दी गई है.

पिछले दो महीनों में यह तीसरा मौका है, जब RBI गवर्नर ने कोरोनवायरस (Coronavirus) के संकट काल में आर्थिक उपायों के बारे में बताया है. इससे पहले उन्होंने 27 मार्च और फिर 17 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

पढ़ें, RBI गवर्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें:

  • 31 अगस्त तक के लिए टर्म लोन मोरेटोरियम को बढ़ा दिया गया है. तीन महीने की छूट के साथ अब मोरेटोरियम की सुविधा छह महीने की हो गई है. यानि इन छह महीने अगर आप अपनी ईएमआई नहीं चुकाते हैं, तो बैंक आप पर दबाव नहीं डाल सकता और न ही आपका लोन डिफॉल्ट या एनपीए कैटेगरी में माना जाएगा.
  • आज घोषित किए गए उपायों को 4 श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
    -बाजारों के कामकाज में सुधार करना.
    -निर्यात और आयात का समर्थन करना.
    -ऋण सर्विसिंग पर राहत देकर वित्तीय तनाव को कम करना.
    -कार्यशील पूंजी की बेहतर पहुंच और राज्य के खतरों का सामना करने के लिए वित्तीय बाधाओं को कम करना.
  • 2021 में विकास दर नकारात्मक रहने की संभावना है.
  • मांग और उत्पादन में कमी आई है. अप्रैल महीने में निर्यात में 60.3 % की कमी आई है.
  • मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 17% की कमी दर्ज की गई है.
  • 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दूसरी छमाही में कुछ पिक के साथ नकारात्मक श्रेणी में रहने की उम्मीद है.
  • RBI लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए है.
  • रेपो रेट 4.4% से घटकर 4% हुआ. रिवर्स रेपो रेट घटकर 3.35% हुई.
  • छह बड़े राज्यों में औद्योगिक उत्पादन ठप हुआ.
  • सीमेंट, स्टील के उत्पादन में भारी कमी आई है. बिजली पेट्रोलियम की खपत में कमी आई है.
  • सप्लाई में कमी के चलते खाने-पीने की चीजें मंहगी हुईं.
  • फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बढ़कर 487 बिलियन डॉलर हुआ.
  • सभी खाद्य वस्तुओं पर कमजोर मांग का दबाव है.
  • रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की गई.
  • कोरोना वायरस के वजह से अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है. MPC ने रेपो रेट में कटौती करने का फैसला किया है.
  • पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था की गतिविधियां रुकी हुई हैं. भारत की क्षमताओं पर विश्वास करने की जरूरत. आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती करने का फैसला लिया है.
  • दो माह के लॉकडाउन से देशी आर्थिक गतिविधि प्रभावित हुई है.
  • RBI-देश ही नहीं पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था डगमगा रही है.

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