करगिल युद्ध के दौरान पाक के चंगुल में फंसे नचिकेता को ऐसे घर लाया था भारत

ये पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान के कब्जे में भारत का कोई पायलट फंसा हो. कारगिल युद्ध के वक्त भी भारत का एक पायलट पाकिस्तान के चुंगल में फंस गया था. नाम था फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता.

नई दिल्ली: पाकिस्‍तान ने इंडियन फोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को गिरफ्तार करने का दावा किया. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी एक पायलट के मिसिंग होने की पुष्टि की है. अभिनंदन के कई वीडियो मीडिया में सामने आ चुके हैं. अब #BringBackAbhinandan ट्रेंड कर रहा है. भारत ने पाकिस्तान से अपने पायलट को सुरक्षित वापस लौटाने की मांग की है. लेकिन ये पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान के कब्जे में भारत का कोई पायलट फंसा हो. कारगिल युद्ध के वक्त भी भारत का एक पायलट पाकिस्तान के चुंगल में फंस गया था. नाम था फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता.

पाक की कैद में फंस गए थे नचिकेता
साल 1999 का था. पाकिस्तान से कारगिल युद्ध चल रहा था. इस युद्ध के दौरान 26 साल के नचिकेता फाइटर प्लेन उड़ा रहे थे. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि वो पाकिस्तान के कब्जे में पहुंच गए. अचानक दुश्मन की सेना ने उनके विमान पर रॉकेट दागे और फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद उनका प्लैन क्रैश हो गया. किसी तरह नचिकेता बाहर निकले, तो उन्होंने पाया कि, वो पीओके के पास स्कार्दू में थे. जहां उन्हें पाकिस्तान की नॉर्दन लाइट इंफेंट्री ने पकड़ लिया था.

आठ दिन बाद हुई रिहाई
पाकिस्तान ने भारतीय पायलट नचिकेता को एक युद्धबंदी के तौर पर रखा था. लेकिन अपने पायलट को रिहा करवाने के लिए भारत सरकार ने कूटनीतिक दबाव बनाया और फिर भारत सरकार के प्रयासों से आठ दिन बाद उन्हें रेड क्रास को सौंप दिया गया. रेड क्रास के जरिए नचिकेता वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचे. नचिकेता को बहादुरी के लिए वायु सेना मेडल से सम्मानित किया गया था.

नचिकेता के साथ मारपीट हुई
10 साल बाद नचिकेता ने अपने साथ हुई आपबीती सुनाई थी. नचिकेता के मुताबिक, पाकिस्तानी सैनिकों ने पकड़ते ही उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. नचिकेता बताते हैं कि, उन्हें बचने की कोई उम्मीद नहीं थी. लेकिन पाकिस्तान एयर फोर्स के एक अधिकारी कैसल तुफैल वहां पहुंचें. कैसर ने उनके साथ दोस्ताना व्यवहार किया.