प्रॉस्टीट्यूट वाले बयान पर कांग्रेस नेता सिद्धारमैया का यू टर्न, कहा- जेडीएस नहीं बीजेपी के लिए कहा

कांग्रेस..जेडीएस सरकार 22 जुलाई को तब गिर गई थी जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा लाया गया विश्वास प्रस्ताव विधानसभा में गिर गया था.

कर्नाटक: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया की एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है. हालांकि सिद्धारमैया ने बाद में दावा किया कि उन्होंने एक आम कन्नड़ कहावत का इस्तेमाल किया था और वह भाजपा का उल्लेख कर रहे थे. दरअसल शुक्रवार को सिद्धारमैया ने राज्य में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार गिरने के सवाल पर जेडीएस (जनता दल सेक्युलर) कार्यकर्ताओं की तुलना प्रॉस्टीट्यूट्स से कर दी.

मैसुर के पेरियापाटना में शुक्रवार शाम जब संवाददाताओं ने पूछा कि कांग्रेस..जदएस सरकार के गिरने के लिए जदएस के नेता उन पर आरोप क्यों लगा रहे हैं, सिद्धारमैया ने एक कन्नड़ कहावत का इस्तेमाल किया जिसका शाब्दिक अर्थ है कि ‘‘नृत्य करने में असमर्थ एक वेश्या ने फर्श को असमान बताया.”

इस टिप्पणी से जेडीएस नाराज हो गई. जेडीएस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता रमेश बाबू ने कहा कि यह सिद्धारमैया की निराशा को प्रतिबिंबित करती है. बीजेपी ने भी सिद्धारमैया की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि यह पार्टी की संस्कृति को प्रतिबिंबित करती है. विवाद बढ़ने पर सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी का उल्लेख कर रहे थे.

सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने जिस कन्नड़ कहावत का इस्तेमाल किया वह लोगों के बीच बहुत आम है. बीजेपी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा, ‘‘एक पूर्व मुख्यमंत्री होते हुए, उन्होंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया वह अत्यंत अनुचित और बहुत निम्न स्तर की है. यह सिद्धारमैया और उनकी पार्टी की संस्कृति है.”

शनिवार को सिद्धारमैया ने दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थला में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं बीजेपी का उल्लेख कर रहा था. यह मैसुरू के आसपास के क्षेत्रों में इस्तेमाल बहुत आम कहावत है. जो लोग सरकार नहीं चला पाये उन्होंने स्थितियों को विपरीत बताया.”

बाबू ने उन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘सिद्धारमैया का बयान उनका आचरण प्रतिबिंबित करता है. कोई नेता यदि अपनी भाषा पर नियंत्रण खो देता है, यह उसकी कुंठा दिखाता है.” उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जेडीएस उन लोगों के लिए स्वर्ग की तरह है जो उसे प्यार करते हैं. यदि कोई उसके खिलाफ बोलता है तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ता. यह तथ्य है कि गठबंधन सरकार के दौरान कांग्रेस और जेजीएस दोनों ने साथ नृत्य किया था.”

कांग्रेस..जेडीएस सरकार 22 जुलाई को तब गिर गई थी जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा लाया गया विश्वास प्रस्ताव विधानसभा में गिर गया था.