तेलंगाना विधानसभा सत्र में नागरिकता कानून के खिलाफ लाएंगे प्रस्ताव: चंद्रशेखर राव

तेलंगाना का मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि वह संसद में भी आने वाले बजट सत्र में इस कानून के खिलाफ आवाज उठाएंगे. उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो करीब दस लाख लोगों को इकट्ठा करके इसके खिलाफ एक बड़ी जनसभा भी करेंगे.

नागिरकता कानून को लेकर गैर बीजेपी शासित राज्यों की ओर से लगातार कार्यवाही की जा रही है. एक ओर जहां शनिवार को राजस्थान की सरकार ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है और केंद्र से इसे वापस लेने की अपील की है. वहीं दूसरी तरफ तेलंगाना ने भी इस कानून के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पास करने की बात कही है.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नागरिकता कानून और एनपीआर और एनआरसी पर बहुत बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि हम नागरिकता संशोधन कानून का बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे. उन्होंने नागरिकता कानून को  100 प्रतिशत बेबुनियाद कानून बताया है. के चंद्रशेखर राव ने इस कानून पर  कहा कि जब देश भर में इतना विरोध हो रहा है तो इसे वापस लिया जाना चाहिए.

चंद्रशेखर राव ने कहा कि नागरिकता कानून के चलते विदेशों में देश की छवि खराब हो रही है, हमारे लाखों लोग बाहरी देशों में काम कर रहे हैं, उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जाए तो वे कहां जाएंगे. इसी के साथ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आने वाले विधानसभा सत्र में नागरिकता कानून के खिलाफ एक प्रस्ताव पास कराएगें.

आगामी विधानसभा सत्र में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव की बात करते हुए केसीआर ने कहा कि करीब 15-16 राज्यों के मुख्यमंत्रीयों से उनकी बात हुई है. सभी मिलकर इसका विरोध करेंगे. राव ने कहा कि वह संसद में भी आने वाले बजट सत्र में इस कानून के खिलाफ आवाज उठाएंगे. उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो करीब दस लाख लोगों को इकट्ठा करके इसके खिलाफ एक बड़ी जनसभा भी करेंगे.

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