अफगानिस्तान की क्षेत्रीय संप्रभुता का हो सम्मान, हमारी दोस्ती ऐतिहासिक- शांति वार्ता में बोले एस जयशंकर

एस जयशंकर (S Jaishankar) ने लिखा कि अफगानिस्तान के साथ हमारी दोस्ती इतिहास का प्रमाण है. हमारी 400 से अधिक विकास परियोजनाओं से अफगानिस्तान का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं है.

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  • Publish Date - 2:39 pm, Sat, 12 September 20
Dr. S. Jaishankar
File Pic- Dr. S. Jaishankar (External Affairs Minister)

भारत ने शनिवार को दोहा में अंतर-अफगान वार्ता (Intra-Afghan talks) में भाग लिया. इस वर्चुअल वार्ता में वरिष्ठ अधिकारी और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने शिरकत की. इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कह कि शांति प्रक्रिया अफगान के नेतृत्व वाली, अफगान के स्वामित्व वाली और अफगान नियंत्रित होनी चाहिए. शनिवार को लंबे समय से अपेक्षित यह वार्ता शुरू हुई है.

विदेश मंत्री ने लिखा आज दोहा में अफगान शांति वार्ता पर सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने ट्वीट किया कि शांति प्रक्रिया अफगान के नेतृत्व वाली, अफगान के स्वामित्व वाली और अफगान नियंत्रित होनी चाहिए जिसमें राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना, मानव अधिकारों और लोकतंत्र को बढ़ावा देना, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और कमजोर को आगे बढ़ाना, प्रभावी रूप से देश भर में हिंसा मुक्त करना शामिल है.

हमारी दोस्ती ऐतिहासिक

उन्होंने लिखा कि अफगानिस्तान के साथ हमारी दोस्ती ऐतिहासिक है. हमारी 400 से अधिक विकास परियोजनाओं से अफगानिस्तान का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं है. हमें विश्वास है कि यह सभ्यतागत संबंध आगे भी बढ़ता रहेगा.

दोहा में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान), जे पी सिंह, समारोह के गवाह बने. सिंह, जिन्होंने अफगानिस्तान में प्रथम सचिव (राजनीतिक) और पाकिस्तान में उप उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया है. वह तीन देशों – पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान के साथ भारत के संबंधों पर सरकार के मुख्य व्यक्ति हैं.

भारत ने 29 फरवरी को यूएस-तालिबान समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस सप्ताह की शुरुआत में, जयशंकर ने ईरान का दौरा किया था और अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा की थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ईरान में अपने समकक्ष से मुलाकात करने के दो दिन बाद, विदेश मंत्री ने मंगलवार को तेहरान के लिए उड़ान भरी और ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ से मुलाकात की और चाबहार बंदरगाह परियोजना और अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा की.