अमरनाथ यात्रा के लिए खुला NH-44, पुलवामा हमले के बाद लगा था प्रतिबंध

पुलवामा में सीआरपीएफ दस्ते पर आतंकी हमले के बाद इस मार्ग पर आम नागरिकों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था. इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे.

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर सरकार ने मंगलवार यानी 27 मई को जम्मू से श्रीनगर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर नागरिक यातायात के आवागमन पर सभी प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया है. इस मार्ग पर पुलवामा हमले के बाद आम नागरिकों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था. इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे.

जम्मू-कश्मीर सरकार ने आगामी अमरनाथ यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि नागरिक यातायात पर प्रतिबंध नहीं होगा और राजमार्ग सभी के लिए हर दिन खुला रहेगा. आधिकारिक बयान में कहा गया है, “अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के संबंध में सभी सुरक्षा एजेंसियों, नागरिक और पुलिस प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा के बाद, राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि सोमवार से एनएच 44 पर नागरिक आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए.”

उधमपुर से बारामूला तक राष्ट्रीय राजमार्ग के 270 किलोमीटर के हिस्से पर सप्ताह में दो दिन (रविवार और बुधवार) ट्रैफिक मूवमेंट को प्रतिबंधित करने के प्रशासन के फैसले को कश्मीर में सभी दलों की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ा था. पिछले सप्ताह, राज्यपाल ने रविवार को सप्ताह में एक बार प्रतिबंधों में ढील दी थी.

तीन दशकों के आतंक में पहली बार ऐसा हुआ

जम्मू-श्रीनगर-उरी राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से, 69 लाख से अधिक की आबादी को प्रभावित करता है. कश्मीर में तीन दशकों के आतंकवाद में यह पहली बार था कि सप्ताह के दो दिनों के लिए नागरिक यातायात के लिए राजमार्ग बंद कर दिया गया था.

बयान के मुताबिक पुलवामा आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रतिबंध जरूरी था. आतंकवाद विरोधी अभियानों और आम चुनावों के सुचारू संचालन के लिए भी बलों की आवश्यकता थी. जनता को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए, राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने कहा कि राज्य के हित में और लोगों के कल्याण के लिए इन प्रतिबंधों की आवश्यकता थी.

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