विश्व हिंदू परिषद के महायज्ञ में संघ प्रमुख मोहन भागवत और गृहमंत्री अमित शाह होंगे यजमान

80 देशों को इस यज्ञ में शामिल होने का न्योता भेजा गया है, जिनमें से चार देशों की स्वीकृति भी आ गई है. दिल्ली में पहली बार इस प्रकार का आयोजन हो रहा है.
यज्ञ, विश्व हिंदू परिषद के महायज्ञ में संघ प्रमुख मोहन भागवत और गृहमंत्री अमित शाह होंगे यजमान

दिल्ली के बिडला मंदिर परिसर में 9 से 14 अक्टूबर तक चलने वाले 6 दिवसीय स्वाहाकर वैदिक महायज्ञ में संघ प्रमुख मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी, बीजेपी अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला समेत तमाम दिग्गज यजमान की भूमिका में होंगे.

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवायी के आखिरी क्षणों में दिल्ली में स्वाहाकार महायज्ञ पर लोगों की निगाहें टिकी हैं. 80 देशों को इस यज्ञ में शामिल होने का न्योता भेजा गया है, जिनमें से चार देशों की स्वीकृति भी आ गई है. दिल्ली में पहली बार इस प्रकार का आयोजन हो रहा है.

इस कार्यक्रम में देश भर से अनेक संत, महंत, जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज, ऋषिकेश से स्वामी चिदानंद मुनि जी, रमण रेती मथुरा से कार्षणी गुरु शरणानन्द जी महाराज भी शामिल होंगे. यज्ञ को लेकर बिडला मंदिर परिसर में भव्य तैयारी की जा रही है. यज्ञ भूमि को पवित्रता और ग्रामीण परिवेश के रंग में रंगा गया है.

वेदों के ज्ञान विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विश्व हिन्दू परिषद के तत्वावधान में अशोक सिंहल फाउंडेशन और झंडेवालान देवी मंदिर के सहयोग से चतुर्वेद स्वाहाकार महा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है.

अशोक सिंहल की कल्पना के अनुसार वेदों में आध्यात्मिकता के साथ उसके ज्ञान का प्रचार-प्रसार देश-विदेश में फैले, इसके लिए दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मन्दिर (बिड़ला मंदिर) में होने वाला यह 6 दिवसीय आयोजन महत्वपूर्ण होगा. इसमें ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के लगभग 29 हजार मन्त्रों से सुबह 9 बजे से 12 बजे तक और शाम 5 बजे से 8 बजे तक आहूतियां डाली जाएंगीं.

हैदराबाद के रामानुजाचार्य पूज्य चिन्न जीयर स्वामी के ब्रह्मत्व में 50 से अधिक वेद पंडितों के द्वारा यज्ञ संपन्न किया जाएगा. इस महायज्ञ के प्रचार-प्रसार के लिए सम्पूर्ण राजधानी में 8 रथ यात्राएं भी चल रही हैं. दरअसल विहिप के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंहल ने वर्ष 2015 में इसी चतुर्वेद स्वाहाकार महा यज्ञ को दिल्ली के बिड़ला मंदिर में ही आयोजित करने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर लीं थीं, लेकिन उनका स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने से निर्धारित समय से कुछ दिन पूर्व ही कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था.

वेदों में शामिल आध्यात्मिकता, वैज्ञानिकता, सामाजिकता, व्यावहारिकता और सृष्टि मात्र का ज्ञान जो भरा है वह देश-विदेश के सामान्य जनमानस तक पहुंचे और वेदों के विषय में कालान्तर में जो अनेकों भ्रांतिया पैदा हुईं कि अमुक-अमुक व्यक्ति या समाज वेदों को सुन नहीं सकता, इस प्रकार की भ्रांतियां भी दूर हो सकें, इसी भाव को लेकर चतुर्वेद स्वाहाकार महा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है.

वास्तव में वेदों में कोई भेद नहीं है, ये सबके लिए हैं. महिला हो या पुरुष सबको लेकर पूरी पृथ्वी में मानव मात्र के लिए है. पूरे भारत और विदेशों से आए लोग यहां महा यज्ञ के समय सुबह शाम दो-दो घंटे के लिए उपस्थित रहें, समझें, देखें और उसके बाद अपने-अपने स्थान पर जाकर, दक्षिण के आचार्य जो आज उपलब्ध हैं, जिन्हें चारों वेदों के प्रत्येक मंत्र शुद्ध व सस्वर उच्चारण के साथ कंठस्थ हैं, के माध्यम से महा यज्ञ में आहुति दें. इस प्रकार का भाव लेकर यह आयोजन किया जा रहा है. इसी कारण इस महा यज्ञ को चतुर्वेद स्वाहाकार महामहा यज्ञ का नाम दिया गया है.

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