फॉरेन करेंसी बॉन्ड बेचकर फंड जुटाना देशभक्ति के खिलाफ, RSS की इकोनॉमिक विंग का बयान

स्वदेशी जागरण मंच के को-कंवेनर अश्वनी महाजन ने कहा कि हमें यकीन है कि सरकार बॉन्ड पर लिया गया अपना फैसला वापस लेगी.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के इकोनॉमिक विंग स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने सरकार को फॉरेन करेंसी बॉन्ड को लेकर सलाह दी है. सीजेएम का कहना है कि उसे फॉरेन करेंसी बॉन्ड बेचकर फंड जुटाने की रणनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए. उनका कहना है कि ऐसा करना देशभक्ति के खिलाफ है क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है.

स्वदेशी जागरण मंच के को-कंवेनर अश्वनी महाजन ने ऐलान किया है कि वो अब ऐसा नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा, “हमें यकीन है कि सरकार बॉन्ड पर लिया गया अपना फैसला वापस लेगी.”

‘…उन देशों से लेनी चाहिए सीख’
महाजन ने अर्जेंटीना और तुर्की का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि ‘हमें उन देशों के अनुभवों से सीख लेनी चाहिए जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार से लोन लेकर अपने सरकारी घाटे को पूरा किया.’

उन्होंने कहा कि विदेशों से उधार लेने का मतलब है कि भारतीय मुद्रा के मूल्यों में और तेजी से गिरावट होगी. इससे विदेशी सरकारें टैरिफ में छूट की मांग करेंगी.

गौरतलब है कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरिजा मे ने लंदन में बिजनेस समिट के दौरान उम्मीद जताई कि भारतीय सरकार ब्रिटेन की राजधानी को अपने पहले अंतरराष्ट्रीय सॉवरेन बॉन्ड जारी करने के लिए चुनेगी. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक बॉन्ड कहां जारी किए जाएंगे इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.

‘सबसे सही विकल्प है सॉवरेन बॉन्ड’ 
दूसरी तरफ, आर्थिक मामलों के भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा, “आलोचकों द्वारा कुछ रिस्क बताए जाने के बाद भी इस वक्त सॉवरेन बॉन्ड सबसे सही विकल्प है. क्योंकि सरकार बड़े पैमाने पर निवेश करने की योजना बना रही है.”

उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा वास्तविक ब्याज दर को नीचे रखना है. जिससे उचित दर पर घरेलू बाजार से फंड जुटाना मुश्किल हो गया है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को इस वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा को जीडीपी का 3.3 फीसदी तक ही रखना होगा. साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि विदेशों से लिए कर्ज से घाटा ना बढ़े.

ये भी पढ़ें-

हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में अहम बैठक, सेना प्रमुख से मिले PM इमरान खान

तीन साल में लगा सात अरब रुपये का चूना, RTI से ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में बड़ा खुलासा

शिवसेना नेता ने संसद में सुनाया आयुर्वेदिक मुर्गी और अंडे का किस्सा, कहा- शाकाहारी है यह भोजन