ममता बनर्जी के बंगाल में संघ कार्यकर्ताओं की सीरियल किलिंग क्यों?

मुर्शिदाबाद में एक और स्वयंसेवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. अपराधियों ने उनकी गर्भवती पत्नी और 8 महीने के मासूम को भी नहीं बख्शा. इस ट्रिपल मर्डर के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है.

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल में संघ और बीजेपी के कार्यकर्ताओं की हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ममता बनर्जी के राज्य में एक बार फिर आरएसएस कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है.

विजयादशमी के दिन जब लोग बुराई के प्रतीक रावण का दहन कर रहे थे, तब मुर्शिदाबाद में एक और स्वयंसेवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई. अपराधियों ने उनकी गर्भवती पत्नी और 8 महीने के मासूम को भी नहीं बख्शा. इस ट्रिपल मर्डर के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है.

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने ट्विटर पर घटना स्थल के फोटो और वीडियो को भी शेयर किया है. उन्होंने इसी के साथ लिखा कि, ‘चेतावनी: इन डरावने वीडियो ने मुझे झकझोर कर रख दिया है. एक आरएसएस कार्यकर्ता बंधु प्रकाश पाल, उनकी 8 महीने की गर्भवती पत्नी और उनके बेटे की पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में निर्दयतापूर्वक हत्या कर दी गई. किसी भी उदारवादी का एक शब्द नहीं निकला. 59 उदारवादियों में से किसी ने भी लेटर नहीं लिखा.’

इस मुद्दे पर इस्लामिक विचारक सुबुही खान ने कहा, “ये आठ साल के बच्चे की निर्मम हत्या देश के लिए वेक अप कॉल है. हम कश्मीर को लेकर इतने वर्षों तक शांत बैठे थे. इसलिए कश्मीर का वो हाल हो गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से आतंकवाद की गिरफ्त से हमें खींचकर बाहर लाना पड़ा है. अब पश्चिम बंगाल भी उसी राह पर जा रहा है.”

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