SAARC meet: भारत का पाक पर निशाना, विदेश मंत्री बोले-आतंकवाद वैश्विक चुनौती

सार्क (SAARC) देशों की बैठक में भारत ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. भारत ने इशारों में पाकिस्तान (Pakistan) पर निशाना साधते हुए आतंकवाद को वैश्विक चुनौती बताया.

सार्क (SAARC) देशों की बैठक में भारत ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. भारत ने इशारों में पाकिस्तान (Pakistan) पर निशाना साधते हुए आतंकवाद को वैश्विक चुनौती बताया. विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने सामुहिक प्रयासों से आतंकवाद को खत्म करने के लिए सार्क देशों से अपील की. वहीं उन्होंने एलएसी पर चीन के साथ जारी गतिरोध पर कहा कि दोनों देश बातचीत से सीमा विवाद के मसले को सुलझाएंगे.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरूवार को कहा कि सार्क को आतंकवाद, व्यापार बाधा एवं सम्पर्क अवरुद्ध से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण चुनौतियों का निपटारा करने की जरूरत है.विदेश मंत्री ने यह बात दक्षेस समूह की डिजिटल माध्यम से हुई अनौपचारिक बैठक में कही जिसे पाकिस्तान की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है.

सार्क विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने आतंक का पोषण, समर्थन और प्रोत्साहित करने वाली ताकतों सहित आतंकवाद की बुराई को परास्त करने के लिये सामूहिक संकल्प की जरूरत बताई. इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी हिस्सा लिया.

आतंकवाद को खत्म करने को करने होंगे सामूहिक प्रयास

जयशंकर ने कहा कि सार्क ने पिछले 35 वर्षो में काफी प्रगति की है लेकिन सामूहिक सहयोग और समृद्धि की दिशा में प्रयास, आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे से जुड़ी गतिविधियों के कारण प्रभावित हुए हैं.

जयशंकर ने कहा कि ऐसे माहौल में पूर्ण क्षमता के अनुरूप हमारे सामूहिक प्रयास के जरिये साझा उद्देश्य हासिल करने में रूकावट आती है. इसलिये यह महत्वपूर्ण है कि हम आतंक का पोषण, समर्थन और प्रोत्साहिन करने वाली ताकतों सहित आतंकवाद की बुराई को परास्त करने के लिये सामूहिक संकल्प लें. विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसी पहल से जरूरी विश्वास और भरोसा कायम होगा और मजबूत एवं समृद्ध सार्क का निर्माण किया जा सकेगा.

भारत ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

बैठक में एस जयशंकर ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद, संपर्क को अवरुद्ध करना और व्यापार को बाधित करना तीन प्रमुख वैश्विक चुनौतियां हैं जिन्हें दूर करने के लिए सार्क दक्षेस देशों को कड़े कदम उठाने होंगे. हम दक्षिण एशिया क्षेत्र में स्थाई शांति, समृद्धि और सुरक्षा को तभी देख पाएंगे जब ऐसी चुनौतियां खत्म हो जाएंगी.

भारत चीन को बातचीत से सुलझाना होगा सीमा विवाद

उधर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच को संबोधित करते हुए एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन को एक साथ बैठकर ही बातचीत से सीमा विवाद को सुलझाना होगा. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को इस बात से आपसी संतुलन बिठाना होगा कि वो एक दूसरे की बात को कैसे स्वीकार करें. जयशंकर ने कहा कि सीमा पर तनाव उसी का एक हिस्सा है, जहां कि अभूतपूर्व हालात बने हुए हैं.

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने छह वर्ष पहले दक्षेस ढांचे के तहत महत्वपूर्ण सम्पर्क पहल और समूह के सदस्य देशों के बीच कारोबार के मार्ग को बाधित कर दिया था. सार्क 2016 के बाद से उतना प्रभावी नहीं रहा है और इसकी अंतिम बैठक 2014 में काठमांडो में हुई थी.

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