केरल: कड़े कोरोना नियमों के साथ 7 महीने बाद खुला सबरीमाला मंदिर, नए पुजारी की नियुक्ति

हर दिन मंदिर के अंदर 250 लोगों को जाने की इजाज़त होगी. आज करीब 246 लोगों ने दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया. 10 साल से 60 साल के लोग ही मंदिर में दर्शन कर सकेंगे.

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  • Publish Date - 1:58 pm, Sat, 17 October 20
Sabarimala Case Judgement
सबरीमाला मंदिर (File Photo)

केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) शनिवार को जनता के लिए फिर से खोल दिया गया. मंदिर को सात महीने के बाद पांच दिन की मासिक पूजन कार्यक्रम के लिए खोला गया है. इस दौरान पहाड़ी पर मंदिर में जाने के इच्छुक भक्तों को फेस मास्क पहनना और कोविड-19 के लिए निगेटिव टेस्ट का प्रमाण पत्र होना ज़रूरी है.

हर दिन मंदिर के अंदर 250 लोगों को जाने की इजाज़त होगी. आज करीब 246 लोगों ने दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया. 10 साल से 60 साल के लोग ही मंदिर में दर्शन कर सकेंगे. राज्य में वायरस के बढ़ते मामलों के बीच भगवान अयप्पा को समर्पित प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में कड़े प्रोटोकॉल लगाए गए हैं.

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ऐसे होगा अनुष्ठान

नकारात्मक परीक्षण रिपोर्ट नहीं ले जाने वालों के लिए नीलकमल बेस कैंप में रैपिड एंटीजन टेस्ट से गुज़रना होगा. अनुष्ठान करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. अनुष्ठान के लिए “नव्यभिषेकम” (घी अभिषेकम) और “अन्नदानम” (अन्न चढ़ाने की पवित्र परंपरा) शामिल है जिसे कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ ही पूरा किया जाएगा.

फिटनेट प्रमाण पत्र ज़रूरी

इसके साथ ही 48 घंटे पहले का एक फिटनेस प्रमाण पत्र भक्तों को ले जाना होगा. पम्बा नदी पर प्रथागत स्नान को बंद कर दिया गया है और रात भर “सानिध्यनम” (मुख्य मंदिर परिसर) या आधार शिविरों – पम्बा या नीलककल में रहने की भी अनुमति नहीं है.

नए पुजारियों की नियुक्ति

वहीं वी के जयराजन को भगवान अय्यप्पा मंदिर का मुख्य पुजारी ‘मेलासांथी’ नियुक्त किया गया है. वह यहां पूजा के मौसम में 16 नवंबर से प्रभार ग्रहण करेंगे और एक साल तक इस पद पर रहेंगे. राजी कुमार एम एन नम्बूदिरी को पड़ोसी मलिकाप्पुरम देवी मंदिर में मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया.

त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) की ओर से आयोजित साक्षात्कार के आधार पर पुजारियों का चयन किया गया. इन पुजारियों का साक्षात्कार एक पैनल ने किया था. पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर के प्रबंधन का कार्य टीडीबी करता है. टीडीबी के सूत्रों के अनुसार 16 नवंबर से ये पुजारी 41 दिन चलनेवाले मंडल मौसम की पूर्व संध्या पर प्रभार ग्रहण करेंगे.

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