पंडों को लगा डिजिटल रोग! यजमान दक्षिणा रखें नहीं, स्वैप कराएं

Share this on WhatsAppप्रयागराज अब वो दिन भूल जाइये जब आप जेब से करारी करारी नोट निकालकर पूजा के बाद माथे पर त्रिपुंड लगाए संन्यासियों को दक्षिणा देते थे. गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन तट पर लगे कुंभ मेले में पूजा पाठ के बाद यदि आप कार्ड से दक्षिणा देने को सोच रहे हैं […]

प्रयागराज
अब वो दिन भूल जाइये जब आप जेब से करारी करारी नोट निकालकर पूजा के बाद माथे पर त्रिपुंड लगाए संन्यासियों को दक्षिणा देते थे.

गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन तट पर लगे कुंभ मेले में पूजा पाठ के बाद यदि आप कार्ड से दक्षिणा देने को सोच रहे हैं तो आपका स्वागत है. जब ज़माना डिजिटल हो रहा हो तो प्रयागराज के पंडे क्यों पुराने बने रहें. इसी क्रम में यहां के अधिकतर पूजा पाठ कराने वाले साधुओं ने अपने पास स्वैपिंग मशीन रख ली है. तख्तों में बैठे हुए पंडों का कहना है कि जो श्रद्धालु यहां आ रहे हैं वो कार्ड से पेमेंट कर रहे हैं, तो हम फिर मशीन क्यों न रखें.

आज की तारीख में कैश रखता कौन है. यही नहीं मेले में आने वाले लोगों को पेटीएम से भी भुगतान करने का यहां के संन्यासियों ने ऑप्शन दे रखा है. उधर, मेले में लेनदेन को आसान बनाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक ने दिसंबर महीने में ही एक स्पेशल कार्ड लांच कर दिया था. इसके जरिये आप खरीददारी कर सकते हैं. मिली जानकारी के मुताबिक़ पीएनबी का यह रूपे कार्ड बिना इंटरनेट के भी उपयोग में लाया जा सकेगा.

गौरतलब है कि नोटबंदी के दौरान उज्जैन के महाकाल मंदिर के पंडों ने कैशलेस दक्षिणा को शास्त्रसम्मत नहीं बताया था. उन्होंने कहा था कि संकल्प के लिए यजमान के पास कैश होना जरूरी है. बिना कैश के संकल्प अधूरा ही रहता है.