Video: जम्‍मू-कश्‍मीर से 370 हटाने पर अखिलेश यादव ने लोकसभा में सुनाया बैंगन-बीरबल का किस्‍सा

अखिलेश यादव ने कहा कि दो दिन पहले जम्मू कश्मीर के राज्यपाल कह रहे थे कि उन्हें कुछ नहीं पता है, लेकिन पिछले 48 घंटे में आपने जो किया वो पूरे देश ने देखा है.

नई दिल्‍ली: लोकसभा में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के तेवर बेहद तल्‍ख दिखे.

जम्‍मू-कश्‍मीर से धारा 370 और 35A हटाने के फैसले पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि आज कश्मीर में बल का प्रयोग किया जा रहा है और इस फैसले से कश्मीर की जनता खुश नहीं है.

अखिलेश यादव ने कहा कि दो दिन पहले जम्मू कश्मीर के राज्यपाल कह रहे थे कि उन्हें कुछ नहीं पता है, लेकिन पिछले 48 घंटे में आपने जो किया वो पूरे देश ने देखा है. आप जश्न मना रहे हैं, लेकिन जिस प्रदेश के लिए फैसला लिया गया है, वहां के लोगों का क्या?

अखिलेश ने सुनाया बैंगन वाला किस्सा

अखिलेश यादव ने सदन में चर्चा के दौरान एक किस्सा भी सुनाया और कहा कि बादशाह ने एक बार दावत में कहा कि बैंगन की सब्जी अच्छी है तो उनके मंत्रियों ने भी सब्जी की तारीफ कर दी और बादशाह के साथी बीरबल ने भी ऐसा ही कर दिया, लेकिन अगले ही दिन जब बादशाह की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने बीरबल के सामने बैंगन की सब्जी की बुराई की.

आगे का किस्‍सा सुनाते हुए अखिलेश ने बताया कि जब बादशाह ने बुराई की तो बीरबल ने भी ऐसा ही किया. जब बादशाह ने सवाल पूछा कि तुम कल तो बैंगन की तारीफ कर रहे थे और आज बुराई कर रहे हो. इस पर बीरबल ने जवाब दिया कि वह बैंगन की नौकरी नहीं करते हैं, बल्कि बादशाह की नौकरी करते हैं. जो बादशाह कहेगा, वही मैं कहूंगा.

आखिर में अखिलेश यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल ने भी ऐसा ही किया है. उन्‍होंने कहा-‘मैं जिस आर्मी स्कूल से पढ़ा हूं, वहां के कई साथी घाटी में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए हैं, मेरे साथी मेजर गोपिंदर सिंह राठौड़ को भी हमने खोया है.’

अखिलेश यादव ने एनडीए पर हमला करते हुए कहा कि आप लोग कहते हो कि सत्तर साल में कुछ नहीं हुआ है तो क्या आप अपने 11 साल नहीं गिनते हैं. अखिलेश यादव ने सरकार से PoK पर भी जवाब मांगा और पूछा कि गृह मंत्री इस बात का भरोसा दें कि PoK हमारा ही हिस्सा है.

अखिलेश यादव ने पूछा- गृह मंत्री बताएं कि PoK हमारा है. साथ ही ये भी बताएं कि कश्मीर जैसी खुशी नगालैंड-मिजोरम-सिक्किम में कब मिलेगी?