समता गैंगरेप हत्या मामले में फास्‍ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीनों आरोपियों को सजा-ए-मौत

तेलंगाना के आसिफाबाद जिले के लिंगापुर मंडल क्षेत्र के एल्लापट्टार गांव के पास हुए बलात्कार और हत्या मामले में सजा सुना दी गई है. इस केस में सजा का ऐलान 27 तारीख को होना था, लेकिन जज की तबीयत ठीक न होने के कारण फैसले को स्थगित कर दिया गया था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 3:53 pm, Thu, 30 January 20

आदिलाबाद समता केस में बलात्कार और हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई. आदिलाबाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सनसनीखेज मामला समता के बलात्कार और हत्या मामले के फैसले को 30 जनवरी तक स्थगित कर दिया था. आज कोर्ट ने तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई.

तेलंगाना के आसिफाबाद जिले के लिंगापुर मंडल क्षेत्र के एल्लापट्टार गांव के पास हुई बलात्कार और हत्या मामले की आज सजा सुनाई गई. 27 तारीख को सजा सुनानी थी मगर जज की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण फैसले को स्थगित किया गया था.

आपको बता दें कि लिंगापुर गांव निवासी समता गुब्बारों को बेच कर जीवन गुजारा करती थी. रोज की तरह बीती 24 नवंबर को समता एल्लापट्टार गांव गुब्बारा बेचने गई थी. उसी गांव के शेख बाबा, शेख साहबुद्दीन और शेख मख्दूम नामक युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से बलात्कार किया और बाद हत्या कर दी. इस घटना के विरोध में जन संगठन और नागरिक अधिकार संघ नेताओं ने आसिफाबाद जिले में कई दिनों तक बड़ा आंदोलन भी चलाया.

आसिफाबाद पुलिस अधीक्षक मल्ला रेड्डी ने इस मामले को लेकर 44 गवाह का चार्जशीट दाखिल किया था. इसके बाद समता मामले की सुनवाई आरंभ हो गई है. हर दिन चार से पांच गवाहों के साथ कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले पुलिस ने सभी प्रकार के सबूत हासिल किये गये हैं. साथ ही तीन आरोपियों के पास से भौतिक सबूत भी एकत्रित किये गये हैं. आरोपियों की मेडिकल जांच की गई और उनकी रिपोर्ट भी ली गई है. पुलिस ने इस मामले को जिला पुलिस अधीक्षक ने एक चुनौती के रूप में लिया है.

इसी दौरान शादनगर के पास दिशा का मामला प्रकाश में आया. इस घटना के विरोध में देश भर में आंदोलन उठ खड़ा हुआ था. इसी बीच समता के आरोपियों को भी तुरंत सजा दिये जाने की मांग ने जोर पकड़ा. दूसरी ओर समता के परिजन भी तीनों आरोपियों को मौत की सजा की मांग कर रहे थे. इसके चलते तेलंगाना सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था.