संबित पात्रा ने रैली में उठाई भगवान जगन्नाथ की मूर्ति, चुनाव आयोग में हुई शिकायत

कांग्रेस का कहना है कि संबित पात्रा ने भगवान जगन्नाथ का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है. यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

भुवनेश्वर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता और पुरी लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार संबित पात्रा को भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के साथ रैली करना भारी पड़ सकता है. कांग्रेस ने मंगलवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष इसकी शिकायत दर्ज कराई है.

कांग्रेस का कहना है कि संबित पात्रा ने भगवान जगन्नाथ का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है. यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. कांग्रेस ने कहा, “एक चुनावी रैली में पात्रा ने हाथ में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति पकड़कर लोगों को दिखा रहे थे. और इसके बाद उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर भी की गईं.”

‘मैं इस बारे में नहीं हूं परेशान’
वहीं, संबित पात्रा ने आरोपों का खंडन कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “किसी ने रैली के दौरान उन्हें मूर्ति भेंट की और उन्होंने केवल इसके लिए आदर का भाव प्रकट किया. मेरे भगवान के प्रति श्रद्धा भाव दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है. मैं इस बारे में परेशान नहीं हूं कि दूसरे क्या कह रहे हैं.”

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता निशिकांत मिश्रा ने कहा, “चुनाव आयोग की ओर से यह साफ कहा गया है कि किसी जाति, धर्म, पंथ और संस्कृति के आधार पर कोई चुनाव नहीं लड़ा जाएगा. संबित पात्रा की रैली और उसकी तस्वीरों को देखकर लगता है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है.”

‘ओडिशा की संस्कृति के है खिलाफ’
मंदिर के वरिष्ठ सेवक रामचंद्र दशमोहापात्रा ने भी इसकी निंदा की है. उन्होंने कहा है कि यह ओडिशा की संस्कृति के खिलाफ है. दशमोहापात्रा ने कहा, “एक चुनावी रैली के दौरान भगवान जगन्नाथ को एक वाहन में ले जाना संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है. वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के दौरान ही भगवान जगन्नाथ रथ में जाते हैं.”