‘एक्‍सक्‍यूज मी’ सुनकर पलटी मेनका को दिल दे बैठे थे संजय गांधी, पढ़ें कैसे शुरू हुई दोनों की लव स्‍टोरी

दिल्‍ली में पार्टी चल रही थी. सब अपने में मशगूल थे. मेनका खाना खा रहीं थीं और पीछे से उन्‍हें किसी ने आवाज दी.

वो जो बहुत फोकस्ड था. वो जो एक आजाद पंछी था. वो जिसके सामने खुद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी बोलने से पहले सोचती थी. वो जो बहुत सख्त और नर्म भी था… और कौन होगा संजय गांधी. संजय गांधी का जन्‍म 14 दिसंबर को हुआ था. संजय गांधी का नाम लेते ही मेनका गांधी का नाम भी खुद-ब-खुद जेहन में आ जाता है..

संजय और मेनका पहली पार दिल्‍ली की एक शादी में मिले. मेनका के कजिन की शादी थी, उनके भाई के कुछ दोस्‍त साथ थे. पार्टी चल रही थी. सब अपने में मशगूल थे. मेनका खाना खा रहीं थीं और पीछे से उन्‍हें किसी ने आवाज दी, ‘एक्यूज मी, देयर इज अ लांग लाइन, कैन आई इट फ्राम योर प्लेट? (क्या मैं आपकी प्लेट से खा सकता हूं क्योंकि लाइन बहुत लंबी है)” मेनका पलटीं और देखा कि वो कोई और नहीं, संजय गांधी हैं. संजय उनके भाई के दोस्‍त थे. उस वक्त मेनका 17 साल की थीं, संजय से 10 साल छोटी. पहली नजर में ही मेनका संजय को भा गई थीं.

संजय गांधी ने बिना देर किए अपने दोस्त से उसी दिन मेनका के साथ शादी की बात कर ली. संजय के दोस्त यानि मेनका के भाई ने ये बात अपनी मां को बताई. पहले तो मेनका की मां तैयार नहीं हुई फिर मेनका को संजय से हफ्ते में दो बार मिलने की इजाजत मिल गई. दोनों शाम को 6 से 8 बजे के बीच संजय के घर पर ही मिला करते थे.

एक महीने बाद, संजय ने मेनका की मुलाकात अपनी मां इंदिरा गांधी से कराई. दोनों परिवार मिले और दोनों की शादी हो गई.

ये भी पढ़ें

संजय गांधी का विदेशी गर्लफ्रेंड से रिश्‍ता टूटा तो क्‍यों खुश हुई थीं इंदिरा? पढ़‍िए दिलचस्‍प किस्‍सा

Related Posts