व्यंग्य: कांग्रेस को हार-जीत के मोह से दूर ले जाने के लिए इतनी छुट्टी लेते हैं राहुल गांधी

चुनाव से पहले और चुनाव के बाद राहुल गांधी निकल जाते हैं, कोई तो वजह होगी.
Rahul Gandhi Bangkok, व्यंग्य: कांग्रेस को हार-जीत के मोह से दूर ले जाने के लिए इतनी छुट्टी लेते हैं राहुल गांधी

वैसे तो भारत में कुछ भी ट्रेंड हो सकता है. सुबह ‘बापू को रिहा करो’ और ‘बापू निर्दोष है’ से शुरू होकर ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ तक बात पहुंचती है. इसी बीच में ‘बैंकॉक’ ट्रेंड करने लगे तो उत्सुकता जागती है. पता लगा कि ये ट्रेंड कांग्रेस का चलाया हुआ है. लोगों को यकीन नहीं हुआ कांग्रेस भी कोई चीज ट्रेंड करा सकती है. जिस पार्टी के वोटर जमीन पर नहीं बचे, ट्विटर पर क्या ही मिलेंगे. लेकिन पता चला कि ये राहुल गांधी की महिमा है, फिर तो होना ही था.

खबर मिली कि राहुल गांधी छुट्टी पर अपनी फेवरेट जगह बैंकॉक निकल गए हैं. खबर में न रहने वाले राहुल की ये वाकई बड़ी खबर थी. पिछले कुछ सालों से राहुल गांधी को लेकर दो ही खबरें आती हैं. चुनाव से पहले ‘यहां रैली में गए’ और चुनाव के बाद ‘यहां छुट्टी पर गए.‘ इतना सधा हुआ टाइम टेबल तो किसी साधु संन्यासी का नहीं होता जैसा राहुल गांधी का है.

सवाल ये है कि राहुल गांधी चुनाव से पहले और चुनाव के बाद छुट्टी पर क्यों जाते हैं? दूसरा सवाल- उनके बार बार छुट्टी पर जाने से पार्टी को क्या फायदा होगा? पहले सवाल का सीधा जवाब है ‘रिलैक्स करने.’ लेकिन गहराई में जाएं तो इसके कुछ और कारण भी सामने आ सकते हैं. उन्होंने भारत में कांग्रेस का टाइटैनिक डूबते देख लिया है इसलिए बैंकॉक में पार्टी के लिए जमीन तलाश रहे होंगे. अगला लोकसभा चुनाव वहीं लड़ सकते हैं.

दूसरा सवाल ये है कि इससे पार्टी का क्या फायदा होगा? एक्चुली फायदा ही फायदा है. राहुल गांधी का मुकाबला ऐसे आदमी से है जिसकी एक आवाज पर लोग अपना नाम बदलकर चौकीदार रख लेते हैं. उनसे राहुल गांधी सिर्फ ट्विटर पर निपट रहे हैं. जो आदमी सुबह मुंबई, दोपहर बेंगलुरु में बिताने के बाद शाम को दिल्ली से राष्ट्र को संबोधित करके उसका हार्ट अटैक करा देता है, उससे कांग्रेस ट्विटर पर लड़ रही है. चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी छुट्टी पर चले जा रहे हैं.

मतलब साफ है, कांग्रेस को इस छुट्टी से इच्छित वरदान मिलेगा. कांग्रेस न सत्ता में रहना चाहती है न विपक्ष में. वो सिर्फ मौज में रहना चाहती है. सत्ता में रहने से राहुल गांधी खुद दूर भाग रहे है. विपक्ष में होते हुए कांग्रेस कहीं दिख नहीं रही है. आगे भी ऐसे ही कांग्रेस वाले सिर्फ नेता बने रहें, उन्हें कुछ काम न करना पड़े, इसीलिए राहुल गांधी छुट्टी पर चले जाते हैं.

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