‘मोदी-शाह के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर 6 मई से पहले EC करे फैसला’

लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने और प्रचार में सेना के शौर्य के इस्तेमाल जैसी हैं शिकायतें.

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भाषणों में आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने  याचिका की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को आदेश दिया कि कांग्रेस की शिकायतों का निपटारा 6 मई से पहले करें.

कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव की तरफ से यह याचिका दायर की गयी है. सुष्मिता देव ने याचिका में कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आचार संहिता के हनन की शिकायतों पर आयोग सुनवाई नहीं कर रहा है.

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याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि मोदी-शाह के खिलाफ कांग्रेस की शिकायतों का निपटारा 6 मई से पहले ही कर दिया जाये. आयोग को यह आदेश देने के बाद मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी गयी.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि मोदी और शाह ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषण देने के साथ साथ प्रचार में सेना के शौर्य का जमकर इस्तेमाल किया है. जो सरेआम आचार संहिता का उल्लंघन है.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि पीएम मोदी और अमित शाह के भाषणों में आचार संहिता के उल्लंघन पर 11 शिकायतें थीं. इन 11 शिकायतों में से सिर्फ तीन का ही निपटारा चुनाव आयोग ने अब तक किया है.