CJI पर लगे आरोपों की जांच के लिए दो जजों की जस्टिस बोबडे से मुलाकात को SC ने नकारा

SC ने जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन द्वारा जस्टिस एसए बोबडे से शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में जांच नहीं करने के संबंध में मुलाकात करने की ख़बर का खंडन किया है.

नई दिल्ली: CJI रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच कर रही आंतरिक समिति से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) और जस्टिस आर नरीमन (Justice RF Nariman) की मुलाकात संबंधी खबर को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कहा कि जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन ने आंतरिक समिति और जस्टिस एसए बोबडे से मुलाकात नहीं की.

SC महासचिव कार्यालय ने जारी किया प्रेस नोट

जस्टिस एसए बोबडे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे कथित यौन शोषण के आरोपों की जांच कर रही इन हाउस कमेटी के प्रमुख हैं. सुप्रीम कोर्ट के महासचिव कार्यालय ने एक प्रेस नोट जारी करके कहा कि, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक समाचार पत्र ने अपनी खबर के हवाले से कहा कि जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने तीन मई 2019 शुक्रवार शाम को जस्टिस एसए बोबडे से मुलाकात की. यह पूरी तरह से गलत है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई मामले पर विचार-विमर्श कर रही आंतरिक समिति इस अदालत के और किसी भी जज की सलाह के बिना खुद से ही इस पर विमर्श कर रही है.’

Justice DY Chandrachud, CJI पर लगे आरोपों की जांच के लिए दो जजों की जस्टिस बोबडे से मुलाकात को SC ने नकारा

अंग्रेजी अखबार ने किया था दावा

रविवार को एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार ने यह दावा किया था कि, जस्टिस नरीमन के साथ जस्टिस चंद्रचूड़ ने बीते सप्ताह शुक्रवार को आंतरिक समिति से मुलाकात की थी और कहा था कि शिकायतकर्ता महिला की गैरमौजूदगी में जांच जारी नहीं रखी जाए. अखबार ने यह भी दावा किया कि जस्टिस चंद्रचूड़ का कहना था कि शिकायतकर्ता महिला की गैरमौजूदगी में जांच करने से सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा.

शिकायतकर्ता ने जांच में शामिल होने से किया था इनकार

शिकायतकर्ता महिला के जांच में शामिल होने से इनकार करने के बाद जांच समिति ने जांच आगे बढ़ाने का फैसला किया था. जांच समिति में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी हैं. दावों को मुताबिक जस्टिस चंद्रचूड़ ने यह भी सुझाव दिया था कि समिति या तो शिकायतकर्ता महिला की आग्रह के अनुरूप उसे वकील मुहैया कराया जाना चाहिए.

जस्टिस एनवी रमन्ना ने खुद को जांच समिति से किया था अलग

आपको बता दें कि CJI रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने मामले की जांच कर रही आंतरिक समिति के माहौल को डरावना बताते हुए समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था. रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी समिति से जस्टिस एनवी रमन्ना ने खुद को अलग कर लिया था. इसके बाद जस्टिस इंदु मल्होत्रा को समिति में तीसरी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था.

ये भी पढ़ें, ममता बनर्जी ने नहीं की PM मोदी से बात, PMO से दो बार गया था फोन